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FCRA बिल पर कांग्रेस का सांसदों को व्हिप

FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस का व्हिप, लोकसभा सांसदों को 10-12 अगस्त तक सदन में रहने का निर्देश

संसद में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA) पर संभावित चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।

fcra संशोधन विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस का व्हिप लोकसभा सांसदों को 10-12 अगस्त तक सदन में रहने का निर्देश

Congress Issues Whip on FCRA Bill Debate |

नई दिल्ली: संसद में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA) पर संभावित चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सभी सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और पार्टी के रुख का समर्थन करने का निर्देश दिया है।

कांग्रेस ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप

कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश की ओर से जारी व्हिप में कहा गया है कि इन तीन दिनों में लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। सांसदों को सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही समाप्त होने तक उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

FCRA संशोधन विधेयक पर हो सकती है चर्चा

यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की ओर से 12 अगस्त को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू किए जाने की संभावना है। विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई है।

अल्पसंख्यक संगठनों ने जताई आपत्ति

प्रस्तावित विधेयक को लेकर ईसाई समूहों और अल्पसंख्यक संगठनों ने विरोध जताया है। गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखीं और विधेयक में बदलाव की मांग की।

विधेयक को JPC भेजने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि FCRA संशोधन विधेयक को वापस लिया जाए या फिर इसे आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए। संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित प्रावधानों से धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों पर असर पड़ सकता है।

सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य FCRA अधिनियम, 2010 में बदलाव करना है। सरकार का कहना है कि इसके जरिए विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।

नए प्रावधानों को लेकर विवाद

विधेयक में FCRA पंजीकरण समाप्त होने, नवीनीकरण न होने या सरकार द्वारा नवीनीकरण से इनकार किए जाने की स्थिति में विदेशी अंशदान और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन व निपटारे के लिए एक नामित प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है। इसी प्रावधान को लेकर कई संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है।

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