यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है।
नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अमिता सचदेवा के मुताबिक, यह मामला भगवान राम और माता सीता से जुड़े एक वीडियो को लेकर है। आरोप है कि वीडियो में उनके वनवास के दौरान मांस और शराब के सेवन का दावा किया गया था। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी निर्देश के बाद वीडियो हटाए जाने के बावजूद उसका एक हिस्सा दोबारा अपलोड किया गया।
सरकारी निर्देश के बाद दोबारा अपलोड करने का आरोप
अमिता सचदेवा ने बताया कि ध्रुव राठी ने कुछ समय पहले यह वीडियो प्रकाशित किया था। इसके बाद इस मामले को दिल्ली उच्च न्यायालय में उठाया गया, जहां से भारत सरकार को वीडियो हटाने का निर्देश दिया गया था। सचदेवा के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को भारत सरकार ने यूट्यूब को वीडियो हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया गया। हालांकि, उनका आरोप है कि बाद में 21 मिनट के मूल वीडियो में से तीन मिनट का अंश निकालकर दोबारा अपलोड कर दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट से नई कानूनी कार्रवाई की मिली अनुमति
अमिता सचदेवा ने बताया कि वीडियो दोबारा अपलोड किए जाने के बाद याचिकाकर्ताओं ने फिर से दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। उनके मुताबिक, अदालत ने उन्हें ध्रुव राठी के खिलाफ नई याचिका या मुकदमा दायर करने और उचित राहत मांगने की स्वतंत्रता दी। इसी आधार पर साकेत अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से घोषणा, निषेधाज्ञा और हर्जाना देने की मांग की है। सचदेवा के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील मकरंद नटकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। हालांकि, कनेक्शन में तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। इसके बाद जिला न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 5 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी। अगली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से दलीलें आगे रखी जाएंगी।
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