देहरादून शिक्षिका मौत मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और श्रीनगर ट्रांसफर की मांग की।
देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका के परिवार ने घटना को लेकर कड़ी कानूनी कार्रवाई और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, इस मामले को देहरादून से गढ़वाल के श्रीनगर कस्बे में स्थानांतरित करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की गुहार लगाई है।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति
देहरादून पुलिस ने इस मामले में बीते 31 जुलाई को उत्तराखंड सचिवालय में तैनात एक निजी सचिव और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में शनिवार को परिजनों के बयान दर्ज किए और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई व गिरफ्तारियां करने का भरोसा दिया है।
घटना का विस्तृत विवरण
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शिक्षिका ने कथित तौर पर फंदे से लटककर आत्महत्या की थी, जिसके बाद मृतका की मां ने पति और उसके रिश्तेदारों द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। मृतका की मां की ओर से दी गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, आरोपी पति, उसकी मां और बहन लगातार मृतका को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे। मृतका के चचेरे भाई रियांशु कंडरी ने एएनआई से बातचीत में बताया कि ससुर के निधन के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे इस मौत का जिम्मेदार ठहराकर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
रियांशु कंडरी ने आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "वह एक बेहद साहसी लड़की थी। हमारी बहन जैसी मजबूत लड़की ऐसा कदम कभी नहीं उठा सकती। हमने उसे घर आने को कहा था और वह सुबह लौटने को तैयार भी थी। हमें पूरा संदेह है कि उन्होंने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर उसे फंदे पर लटका दिया।"
महिला आयोग और जनप्रतिनिधियों का रुख
परिवार का यह भी आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो आरोपियों के पक्ष ने उनके साथ हाथापाई की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में देरी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संवेदनशील मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल सक्रिय रूप से पैरवी कर रही हैं। पीड़ित परिवार ने स्थानीय विधायक के साथ मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए इसे श्रीनगर स्थानांतरित करने की जोरदार मांग उठाई है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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