देवास ब्लैकमेलिंग मामले में बड़ा मोड़ आया है। जिस महिला डॉक्टर ने पहले ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था, अब वही कानूनी शिकंजे में आ गई है।
देवास। शहर में चल रहे बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग कांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। जिस महिला डॉक्टर ने पहले मीडियाकर्मियों और अन्य लोगों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था, अब वह खुद ही कानूनी शिकंजे में आ गई हैं।
महिला डॉक्टर पर FIR दर्ज
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने स्वयं पहल करते हुए उस महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जो पहले इस मामले में शिकायतकर्ता थीं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रीराम नर्सिंग होम को पूरी तरह सील कर दिया है। साथ ही, संस्थान का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया गया है।
PCPNDT एक्ट के तहत मामला दर्ज
यह कार्रवाई केवल ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है। डॉक्टर पर PCPNDT एक्ट (प्रसव पूर्व लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम) के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है मामला
यह पूरा विवाद एक वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ। शुरुआत में महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे हैं। हालांकि, जांच के दौरान स्थिति तब बदल गई जब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को नर्सिंग होम के संचालन और अन्य गतिविधियों में अनियमितताएं मिलीं।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच की। जांच में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्द किया गया। देवास पुलिस अब इस मामले के दोनों पहलुओं (ब्लैकमेलिंग और मेडिकल नियमों का उल्लंघन) की जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की कड़ी कार्रवाई ने पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
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