इंदौर। देश के तीसरे और मध्यभारत के पहले दुर्लभ मामला सामने आया है। इसमें 1 साल के बच्चे के गले में तीन इंच की जिंदा मछली फंस गई।
इंदौर। देश के तीसरे और मध्यभारत के पहले दुर्लभ मामला सामने आया है। इसमें 1 साल के बच्चे के गले में तीन इंच की जिंदा मछली फंस गई। महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH) में डॉक्टरों ने चमत्कारिक सर्जरी की और मासूम बच्चे की जान बचाई है। बच्चे के गले के पिछले हिस्से में 3 इंच लंबी एक जिंदा मछली को निकाल लिया। इससे बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी।
इस तरह घटी यह घटना
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब घर में फिश एक्वेरियम की सफाई की जा रही थी। सफाई के दौरान मछलियों को निकालकर एक बर्तन में रखा गया था। पास ही एक साल का बच्चा खेल रहा था। खेलते-खेलते मासूम जोर से हंसने लगा, जिससे उसका मुंह पूरा खुला था। इसी दौरान एक जिंदा मछली उछलकर सीधे बच्चे के मुंह के अंदर चली गई और गले में जाकर अटक गई।
डॉक्टरों की सफल सर्जरी
बच्चे को तुरंत गंभीर हालत में इंदौर के एमवाई अस्पताल ले जाया गया। वहां नाक, कान और गला विभाग (ENT) की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया। डॉ. पूजा, डॉ. मेघा, एनेस्थेटिस्ट डॉ. मोनिका और उनकी टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। मछली गले के काफी संवेदनशील हिस्से (Pharynx) में फंसी थी, जिसे सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी। डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक मछली को बाहर निकाला, जिसके बाद बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह देश का तीसरा और मध्य भारत का पहला ऐसा दुर्लभ मामला है।
लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है
इस घटना के बाद डॉक्टरों ने माता-पिता से अपील की है कि छोटे बच्चों को ऐसी चीजों या जीवित वस्तुओं से दूर रखें जिन्हें वे निगल सकें, क्योंकि जरा सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। छोटे बच्चों की गतिविधियों पर हमेशा नजर रखें, खासकर जब घर में छोटे खिलौने, सिक्के या ऐसी जीवित चीजें मौजूद हों।
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