भोपाल। राजधानी के भौंरी इलाके में देश की अत्याधुनिक 'AI सिटी' बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन...
भोपाल। राजधानी के भौंरी इलाके में देश की अत्याधुनिक 'AI सिटी' बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा कृषि भूमि की कलेक्टर गाइडलाइन दरों में 58% तक की भारी कटौती का प्रस्ताव रखा गया है, जिसने स्थानीय किसानों की नींद उड़ा दी है।
दामों में भारी गिरावट, पहले थी 5.60 करोड़, अब 2.40 करोड़
प्रस्ताव के अनुसार, जिस जमीन की कीमत वर्तमान में 5.60 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर है, उसे घटाकर सीधे 2.40 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर करने की तैयारी है। किसानों का कहना है कि यह कटौती एक सोची-समझी "साजिश" है। उनका मानना है कि सरकार भविष्य में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के समय कम मुआवजा (Compensation) देने के लिए अभी से कीमतें गिरा रही है।
दोहरे मापदंड का विरोध
किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि एक तरफ कृषि भूमि के दाम घटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पास की निजी कॉलोनियों और विकसित क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव है। भौंरी और आसपास के गांवों के किसानों ने खेतों में उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन कौड़ियों के दाम पर नहीं छीनने देंगे।
यह है AI सिटी प्रोजेक्ट
भोपाल के भौंरी में लगभग 3700 एकड़ जमीन पर इस 'नॉलेज और AI सिटी' को बसाने की योजना है। इसमें दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स और रिसर्च सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में यह मामला प्रशासन के पास "आपत्तियों और सुझावों" के चरण में है। यदि किसानों का विरोध बढ़ता है, तो प्रशासन को अपने इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
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