बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव और अमावस्या के उच्च ज्वार के कारण गुरुवार को गंगासागर में भीषण लहरें उठीं।
दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल)। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव और अमावस्या के उच्च ज्वार के कारण गुरुवार को गंगासागर में समुद्र अत्यधिक अशांत हो गया। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों को समुद्र तट से निकालने का आदेश दिया। नदी के तटबंधों से विशाल लहरें टकरा रही थीं, जिससे कपिल मुनि आश्रम के पास तटबंध को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई।
सागर ब्लॉक प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सागर ब्लॉक प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती उपाय शुरू किए। नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने गंगासागर समुद्र तट पर स्नान कर रहे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकरों के माध्यम से समुद्र तट पर घोषणाएं कर तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को मौजूदा स्थिति के बारे में सचेत कर रहा है और उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की सलाह दे रहा है।
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। पुलिस और ब्लॉक प्रशासन की संयुक्त टीमें तटीय क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं और समुद्र तथा तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं।
एहतियात के तौर पर, अधिकारियों ने गंगासागर में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के समुद्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। लोगों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और उग्र जल के निकट जाने से बचने की सलाह दी गई है। (इनपुट: ANI)
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