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कृषक की सम्पत्ति हड़पने के केस में 14 के खिलाफ FIR

कृषक की सम्पत्ति हड़पने के केस में पूर्व एसडीएम, सचिव समेत 14 के खिलाफ एफआईआर

उतर प्रदेश के सीतापुर जनपद की महमूदाबाद तहसील में एक किसान की मृत्यु के बाद जमीन हड़पने के मामले में पूर्व एसडीएम, सचिव और पूर्ति निरीक्षक समेत 14 लोगों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज की है।

कृषक की सम्पत्ति हड़पने के केस में पूर्व एसडीएम सचिव समेत 14 के खिलाफ एफआईआर

FIR against former SDM, secretary and 14 others for usurping farmers property |

लखनऊ। उतर प्रदेश के सीतापुर जनपद की महमूदाबाद तहसील में एक किसान की मृत्यु के बाद जमीन हड़पने के मामले में पूर्व एसडीएम, सचिव और पूर्ति निरीक्षक समेत 14 लोगों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज की है। यह रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दर्ज की गयी है। 

सीतापुर जिले की महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम लोधासा निवासी अविवाहित बाबूराम नामक व्यक्ति की 29 अक्तूबर 2016 को मृत्यु हो गयी थी। आरोप है कि बाबूराम की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति हड़पने का तत्कालीन एसडीएम, सचिव, पूर्ति निरीक्षक ने षड्यंत्र रचा था।

महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के लोधासा निवासी वीरेश कुमार ने इस षड्यंत्र की जानकारी देते हुए बताया कि उनके चाचा बाबूराम अविवाहित थे। उनकी मृत्यु 29 अक्तूबर 2016 को हो गई थी। नियमानुसार बाबूराम की कृषि भूमि व अन्य संपत्ति उनके कानूनी वारिस वीरेश कुमार और भाइयों के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद बाबूराम की संपत्ति हड़पने के लिए लोधासा गांव के मजरा मोलहेपुर निवासी राजकुमारी ने षड्यंत्र रचा। राजकुमारी ने अपने पति पुत्तीलाल की मौत के बाद खुद को बाबूराम की विधवा दिखा दिया। अधिकारियों से मिलीभगत करके अपने पुत्र मुन्नू को उनका पुत्र घोषित करा दिया। इस दावे को पुष्ट करने के लिए राजकुमारी ने जन्म प्रमाणपत्र, पहचानपत्र और अन्य जाली दस्तावेज तैयार कराए।

आरोप है कि पूरा खेल तत्कालीन एसडीएम आरडी राम जो अब लखनऊ में राजस्व परिषद में तैनात हैं, के अलावा पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी अविनाश रावत और ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से हुआ। अधिकारियों ने फर्जी वारिसों के नाम पर दस्तावेज को सत्यापित करने और उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने में सहायता की।

वीरेश ने इस मामले में 23 सितंबर 2025 को पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर वीरेश ने ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट में अपील की। अब सीजेएम के आदेश पर इस मामले में पूर्व एसडीएम समेत 11 अन्य के खिलाफ पुलिस ने सोमवार को एफआईआर दर्ज की है।

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