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ट्रक बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा

ऑनलाइन ट्रक बुकिंग के नाम पर जालसाजी, पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार

दिल्ली में साइबर पुलिस ने ट्रक उपलब्ध कराने का झांसा देकर कथित तौर पर रकम ऐंठने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ऐसे लोगों से संपर्क करते थे।

ऑनलाइन ट्रक बुकिंग के नाम पर जालसाजी पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार

ट्रक बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा |

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने कथित फर्जी लॉजिस्टिक्स सेवा धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधियों का रूप धारण करके ग्राहकों को ट्रक बुकिंग सेवाओं का वादा करके ठगा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के 19 वर्षीय डिलीवरी बॉय अमन और कपासहेरा के डिलीवरी बॉय नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है।

ट्रक दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा ट्रक की व्यवस्था के लिए अग्रिम भुगतान करने के बाद 5 सितंबर को दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, वादा किया गया वाहन कभी उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद, टीमों ने तकनीकी निगरानी की और लेनदेन से जुड़े वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच के बाद 24 सितंबर को अमन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान अमन ने कथित तौर पर एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस ने सह-आरोपी नरेंद्र कुमार को कपासहेरा से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि उसके पास से एक और मोबाइल फोन बरामद किया गया।

फर्जी लॉजिस्टिक्स कंपनी बनकर ठगी का आरोप

पुलिस ने दोनों आरोपियों के बीच हुई आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट भी बरामद की हैं, जिनकी जांच जांचकर्ताओं द्वारा की जा रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने परिवहन सेवाओं की तलाश कर रहे व्यक्तियों और व्यवसायों की पहचान करने के लिए ऑनलाइन व्यापार निर्देशिकाओं और प्लेटफॉर्म लिस्टिंग का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर स्थापित लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधियों के रूप में खुद को पेश किया और संभावित ग्राहकों से संपर्क करके ट्रक बुकिंग और परिवहन सेवाओं की पेशकश की। पीड़ितों से कथित तौर पर वाहन सुरक्षित करने के लिए अग्रिम भुगतान करने को कहा गया। पुलिस ने बताया कि पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने न तो वादा किए गए ट्रक उपलब्ध कराए और न ही भुगतान वापस किया। 

10 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आईं

डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आगे के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज नौ अतिरिक्त शिकायतें मिलीं, जिनमें कुल मिलाकर 1,53,010 रुपये का कथित नुकसान शामिल है। पुलिस ने बताया कि मूल मामले सहित, अब तक 2,56,560 रुपये की कथित राशि से संबंधित 10 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें आरोपियों से जुड़ी हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से कुल पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, साथ ही व्हाट्सएप बातचीत सहित डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। जांचकर्ता बरामद उपकरणों और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके, अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके और यह निर्धारित किया जा सके कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में अन्य व्यक्ति भी शामिल थे।

(इनपुट ANI)

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