गुना। जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। गुजरात पासिंग की एक संदिग्ध...
गुना। जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। गुजरात पासिंग की एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी से जुड़े इस 'हवाला कांड' ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुजरात के नंबर की गाड़ी और गड़बड़झाला
19 मार्च 2026 की रात नेशनल हाईवे-46 पर रूठियाई पुलिस चौकी (धरनावदा थाना) के पास चेकिंग के दौरान एक गुजरात नंबर की स्कॉर्पियो को रोका गया था। जांच के दौरान गाड़ी से लगभग 1 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद हुई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों या इनकम टैक्स विभाग को देने के बजाय, व्यापारी के साथ 20 लाख रुपये में 'सेटलमेंट' कर लिया। पुलिस ने 20 लाख रुपये अपने पास रख लिए और बाकी रकम के साथ गाड़ी को जाने दिया।
पांच राज्यों में स्कॉर्पियो का मूवमेंट
जांच में सामने आया है कि यह स्कॉर्पियो मार्च महीने में ही गुना से 3 बार गुजरी थी और शिवपुरी से भारी कैश उठा रही थी। इस गाड़ी का मूवमेंट बंगाल सहित देश के 5 राज्यों में होने की बात कही जा रही है। मामले में मोड़ तब आया जब गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (IPS) ने मध्य प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों को फोन किया। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने वसूली गई 20 लाख की राशि व्यापारी को वापस लौटाई।
मुख्यमंत्री के आदेश पर सख्त कार्रवाई
मामला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। गुना एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। धरनावदा थाना प्रभारी (TI) सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामले की उच्चस्तरीय जांच
ग्वालियर डीआईजी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। नियमानुसार 10 लाख से अधिक की नकदी पकड़े जाने पर पुलिस को आयकर विभाग को सूचित करना अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में उल्लंघन किया गया।
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