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शेख हसीना की वापसी की वकालत

शेख हसीना के संबोधन को वीना सिकरी ने बताया गैर-राजनीतिक, वापसी की मांग

पूर्व राजनयिक वीना सिकरी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में होने वाले आगामी संबोधन का बचाव करते हुए कहा है कि इसे राजनीतिक भाषण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

शेख हसीना के संबोधन को वीना सिकरी ने बताया गैर-राजनीतिक वापसी की मांग

Hasina Return Gets Diplomatic Support |

नई दिल्ली [भारत]: पूर्व राजनयिक वीना सिकरी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में होने वाले आगामी संबोधन का बचाव करते हुए कहा है कि इसे राजनीतिक भाषण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हसीना बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रही हैं और देश में सुलह व लोकतंत्र की बहाली की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने कार्यक्रम से दूरी बनाई

वीना सिकरी की यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय (MEA) के उस स्पष्टीकरण के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि शेख हसीना का प्रस्तावित संबोधन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का सरकार समर्थन नहीं करती।

हसीना के संबोधन को राजनीतिक भाषण बताना गलत: सिकरी

मंगलवार को एएनआई से बातचीत में सिकरी ने कहा कि शेख हसीना के कार्यक्रम को राजनीतिक भाषण कहना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि हसीना ने स्पष्ट किया है कि वह अपने देश लौटना चाहती हैं और सम्मेलन में इसी मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रख सकती हैं।

बांग्लादेश के हालात पर उठाए सवाल

बांग्लादेश में पिछले दो वर्षों के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए सिकरी ने कहा कि शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद देश में कई चुनौतियां सामने आईं। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। सिकरी ने कहा कि शेख हसीना अदालत का सामना करने के लिए तैयार हैं और लोकतंत्र में यह एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें बांग्लादेश लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने इसे देश में सुलह और लोकतंत्र की बहाली का अवसर बताया।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी की टिप्पणी

भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर बोलते हुए सिकरी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि रहमान ने अन्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, लेकिन भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात नहीं की। सिकरी ने चीन के साथ कुछ परियोजनाओं को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि ये भारत की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे हैं।

MEA ने बताया- निजी संस्था आयोजित कर रही कार्यक्रम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि शेख हसीना के संबोधन का आयोजन एक निजी मीडिया संस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का इस कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है और मंच पर व्यक्त विचारों का समर्थन भी नहीं किया जाता।

बांग्लादेश ने जताई थी चिंता

शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन को लेकर बांग्लादेश ने चिंता जताई थी। ढाका का कहना था कि इससे हाल में सुधरे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर बांग्लादेश के अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त के बीच चर्चा भी हुई। रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया है। इसके अलावा उन्हें 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।

ANI

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