मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने होमगार्ड विभाग में प्लाटून कमांडर की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इसमें कई कमी पाई गई।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने होमगार्ड विभाग में प्लाटून कमांडर की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इसमें कई कमी पाई गई। जस्टिस एम.एस. भट्टी की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए विभाग को नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
यह है पूरा मामला
अदालत में दायर याचिका के अनुसार, आरोप लगाया गया था कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया। स्क्रीनिंग कमेटी ने लिखित और शारीरिक परीक्षा आयोजित होने से पहले ही कई अभ्यर्थियों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया था, जो कि निर्धारित नियमों के विरुद्ध था। जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पैरवी करते हुए पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मप्र नगर सेना (होमगार्ड) वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत चयन की एक निश्चित प्रक्रिया तय है, जिसकी अनदेखी की गई।
यह विज्ञापन दिया गया
भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इन पदों में से 6 प्रतिशत पद विभाग के इन-सर्विस (विभागीय) उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखे जाते हैं। होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी 2026 को 4 विशिष्ट पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा उम्मीदवारों को बाहर करने के निर्णय को हाईकोर्ट ने गलत माना और पूरी प्रक्रिया को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने दिया निर्देश
माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुकूल होनी चाहिए। अब विभाग को इन पदों के लिए फिर से विज्ञापन जारी करना होगा और पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया संपन्न करानी होगी।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/burnt-human-remains-foundin-nakediya-linked-to-missing-girl-probe/153896
नकेड़िया में जले मानव अवशेष मिलने से सनसनी, लापता युवती से जुड़ने का शक