बैतूल के भीमपुर के चिखली गांव में बिना लाइसेंस संचालित अस्पताल और मेडिकल स्टोर पर संयुक्त कार्रवाई हुई। टीम ने अस्पताल व क्लिनिक सील कर एफआईआर दर्ज की।
बैतूल (मध्य प्रदेश)। मध्यप्रदेश के बैतूल के आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक भीमपुर के चिखली गांव में हाईवे किनारे दोनों तरफ बने मकानों के बीच अवैध रूप से मेडिकल और एक अस्पताल संचालित होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग,राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही देखने को मिली।
ना लाइसेंस मिला और ना कोई डाक्टर की डिग्री
इस छापे मार कार्यवाही में डाक्टर का चलित अस्पताल और बीना लाइसेंस के चल रहे मेडिकल को सील किया गया। इस झोलाछाप डॉक्टर ने एक व्यवस्थित अस्पताल बनाया जिसमें आठ बेड रखें थे। मरिजो के स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ देखा गया। मामला तब उजागर हुआ जब इनके पास ना लाइसेंस मिला और ना कोई डाक्टर की डिग्री। बैखौफ होकर अस्पताल और मेडिकल का संचालन किया जा रहा था। इस कार्यवाही के बाद ज़िले के बिना लाइसेंस और झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य टीम ने अस्पताल और क्लिनिक की सील
प्रभारी बीएमओ भीमपुर डॉक्टर पंकज उइके ने बताया कि गुर्जर मेडिकल स्टोर के संचालक अनूप कासदे और डॉ सतीश चौधरी, क्लिनिक संचालित करते हुए पाए गए। जैसे ही टीम पहुंची तो गुर्जर मेडिकल का संचालन करते हुए पाया गया। वही लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर डॉ. जैमेंनी विश्वास और जयंत विश्वास ये दोनों बाप बेटे मिलकर घर के अंदर अस्पताल संचालित करते हुए पाए गए। जिस समय टीम वहां पहुंची उस समय पांच सात मरीज भर्ती थे। घर के ऊपरी हिस्से में आठ दस बेड बनाकर अस्पताल संचालित हो रहा था और नीचे मेडिकल का संचालन चल रहा था। स्वास्थ्य टीम ने अस्पताल और क्लिनिक सील कर एफआईआर भी दर्ज की।
मरीजों के स्वास्थ्य से किया जा रहा खिलवाड़
ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार जामनी विश्वास 5 वी भी पास है या नहीं ये भी पक्का नहीं कह बता सकते। बताया जा रहा है कि पिछले बीस साल से बंगाली डाक्टर गरीबों का गलत इलाज कर रहा था। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था। लोगों से भारी भरकम पैसा लूटा जा रहा था।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों क्लिनिक
बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों क्लिनिक संचालित होने की खबर है। आज भी बीना लाइसेंस धारी डाक्टर गांवों में अस्पताल का संचालन कर मरिजो के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। एक ही डाक्टर बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों का बैखोफ इलाज कर रहे हैं। स्लाइन,बाटल,चलाना मानो इनके लिए खेल है। फिलहाल जिला स्वास्थ्य विभाग को इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत की है।
यह भी पढ़ें: सुपौल में अज्ञात वाहन की ठोकर से 25 वर्षीय युवक की मौत, श्राद्ध कार्यक्रम से लौट रहा था घर