सतना। जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। कुपोषण के कारण मात्र 4 महीने की एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुखद हादसे में बच्ची के जुड़वां भाई की स्थिति भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
सतना। जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। कुपोषण के कारण मात्र 4 महीने की एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुखद हादसे में बच्ची के जुड़वां भाई की स्थिति भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। सतना जिले के निवासी परिवार के इन जुड़वां बच्चों (सुप्रांशी और उसका भाई नैतिक) की तबीयत पिछले करीब 15 दिनों से खराब थी। बच्चों को लगातार उल्टी, दस्त, बुखार और डायरिया जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान 4 महीने की मासूम बच्ची, सुप्रांशी, ने दम तोड़ दिया।
मां के दूध की कमी बनी मुसीबत
परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति और परिस्थितियों के कारण मां बच्चों को स्तनपान कराने में असमर्थ थी। पोषण की कमी और मां के दूध के अभाव में मजबूरीवश बच्चों को गाय और बकरी का दूध पिलाया जा रहा था, जो उनकी नाजुक स्थिति के लिए पर्याप्त नहीं था और कुपोषण का कारण बना।
जुड़वां भाई की हालत गंभीर
बच्ची की मृत्यु के बाद, उसके जुड़वां भाई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा के हायर सेंटर रेफर कर दिया है, जहाँ वह फिलहाल पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) में भर्ती है और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं और कुपोषण के खिलाफ चल रहे सरकारी अभियानों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समय रहते उचित पोषण और चिकित्सा देखरेख न मिल पाना, मासूमों की जान पर भारी पड़ रहा है।
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