भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और...
अब मनमानी नहीं कर पाएगी पुलिस, गिरफ्तारी का ठोस आधार लिखित में देना होगा अनिवार्य
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भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब मध्य प्रदेश में पुलिस किसी भी व्यक्ति को बिना किसी ठोस लिखित कारण के गिरफ्तार नहीं कर पाएगी।
स्पष्ट जानकारी देनी होगी
गिरफ्तारी से पहले आरोपी को गिरफ्तारी का आधार (Grounds of Arrest) लिखित रूप में देना होगा। पुलिस को यह जानकारी ऐसी सरल और स्पष्ट भाषा में देनी होगी, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति आसानी से समझ सके।
पुलिस मुख्यालय ने जारी किये आदेश
पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP), विशेष रूप से भोपाल और इंदौर के कमिश्नरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
इसलिए लिया गया यह फैसला
यह कदम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट द्वारा समय-समय पर दिए गए उन निर्देशों के पालन में उठाया गया है, जिनमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं होना चाहिए। अक्सर देखा जाता था कि पुलिस मौखिक रूप से गिरफ्तारी का कारण बताकर कार्रवाई कर देती थी, जिससे आरोपी को कानूनी मदद लेने या अपनी बेगुनाही साबित करने में मुश्किल होती थी।
नियमों में इसलिए यह बदलाव
अब पुलिस को केस डायरी और गिरफ्तारी मेमो में स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा कि गिरफ्तारी क्यों की जा रही है। लिखित आधार मिलने से गिरफ्तार व्यक्ति अपने वकील से बेहतर तरीके से संपर्क कर पाएगा और अपनी जमानत या बचाव के लिए ठोस कदम उठा सकेगा। यह निर्देश पुलिस की मनमानी और अनावश्यक गिरफ्तारियों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा।
मौलिक अधिकार की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम
मध्य प्रदेश पुलिस का यह निर्णय नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल पुलिस की छवि सुधरेगी, बल्कि आम जनता में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
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