झारखंड में JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज। विधानसभा घेराव से पहले भूख हड़ताल पर बैठे छात्र, CBI जांच और सीएम के इस्तीफे की मांग।
रांची (झारखंड)। प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने से पहले JPSC और JSSC CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भूख हड़ताल जारी रखते हुए अपना आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार राहुल क्रांति ने ANI से बात करते हुए कहा कि छात्रों के बातचीत के लिए तैयार होने के बावजूद, राज्य सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
राहुल क्रांति बोले- सरकार बातचीत से बच रही, CBI जांच की मांग
क्रांति ने बताया कि भूख हड़ताल का तीसरा दिन हो गया है लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नैतिक समर्थन दिखाने के लिए भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों का हालचाल जानने के लिए मौके पर नहीं गए हैं। राहुल क्रांति ने कहा, "हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन, सरकार के एक्शन और मीडिया से मिल रही खबरों को देखते हुए ऐसा लगता है कि वे हमारी मांगों पर अभी भी सकारात्मक रूख नहीं अपना रही है। सरकार लगातार कह रही है कि वह अपनी एजेंसियों से मामले की जांच कर रही है। अगर ऐसा है, तो CBI जांच का ऑर्डर देने में क्या दिक्कत है?"
तीसरे दिन बिगड़ी तबीयत, CM पर छात्रों की अनदेखी का आरोप
राहुल ने आगे कहा, "शुरू में, हम चाहते थे कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर आए। लेकिन, जब सरकार की तरफ से उस मामले में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो हमने बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। हम पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। हमारी सेहत लगातार बिगड़ रही है। हम हर गुजरते दिन के साथ कमजोर होते जा रहे हैं। 10 तारीख को विधानसभा का घेराव होना है। अभी तक, मुख्यमंत्री हमारा हालचाल पूछने तक नहीं आए हैं, मोरल सपोर्ट के तौर पर भी नहीं।"
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए दावा किया कि उन्होंने JPSC और JSSC CGL भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का संज्ञान नहीं लिया है। छात्र प्रदर्शनकारी ने अपनी बिगड़ती सेहत पर भी जिक्र किया और बताया कि खड़े होने की कोशिश करने पर उन्हें चक्कर आते हैं। ऐसे में उर्जा बचाने के लिए जितना हो सके कम बोलने की कोशिश कर रहे है।
देवेंद्र नाथ की हड़ताल पर फैली अफवाहों का खंडन
उन्होंने ANI को बताया, "तरह-तरह की झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सोनम वांगचुक ने उनसे कम से कम पानी पीने का आग्रह किया। उन्होंने सिर्फ इसलिए पानी पिया क्योंकि उनके होंठ सूखे थे। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि देवेंद्र नाथ ने हड़ताल खत्म नहीं की है। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती, हम अपने रुख पर अडिग रहेंगे। अब हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, क्योंकि वे अपने पद के लिए अयोग्य हैं। बेंगलुरु से लौटे हुए उन्हें काफी समय हो गया है, फिर भी उन्होंने स्थिति का संज्ञान नहीं लिया है।"
वित्त मंत्री का दावा- यह पेपर लीक नहीं, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का मामला
इस बीच, झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि JPSC परीक्षा से जुड़े मामले गलत तरीकों से पिछले दरवाजे से की गई नियुक्तियों का मामला हैं और ये पेपर लीक नहीं हैं। ऐसी गड़बड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एजेंसी को जिम्मेदार ठहराते हुए, किशोर ने इस मामले में सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया। किशोर ने ANI को बताया, "यह पेपर लीक का मामला नहीं है। यह पिछले दरवाज़े से और गलत तरीकों से की गई नियुक्तियों का मामला है।
दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा, विपक्ष से सहयोग की अपील
वित्त मंत्री ने आगे कहा, "भर्ती प्रक्रिया करने, प्रश्न पत्र तैयार करने या ऐसी गड़बड़ियों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार एजेंसी की गलती है। सरकार की क्या जिम्मेदारी है? यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री और हमारी सरकार दोनों ने यह प्रतिबद्धता जताई है। वास्तविक छात्र न्याय और इस मुद्दे का निष्पक्ष समाधान चाहते हैं। सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। इसीलिए मैंने राज्य में विपक्ष से सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की ताकि छात्र से संबंधित इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान हो सके।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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