जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में सीआईडी ने 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। झारखंड में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 19 हो गई है।
रांची: झारखंड के अपराध जांच विभाग ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन हालिया गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों की कुल संख्या अब 19 हो गई है। भर्ती अनियमितताओं की पूरी जानकारी जुटाने के लिए गठित विशेष जांच दल इस जांच का नेतृत्व कर रहा है। जांच के दौरान अधिकारी डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन लॉग और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी रखे हुए हैं।
सीएम सोरेन ने राज्यपाल संतोष गंगवार से की मुलाकात
इससे पहले 5 अगस्त को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोक भवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की और उन्हें झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के साथ-साथ रांची में उम्मीदवारों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी। बैठक के दौरान राज्यपाल गंगवार ने युवाओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कथित अनियमितताओं को एक गंभीर मामला बताया।
छात्रों की मांगों पर गंभीरता से किया जाएगा विचार
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सोरेन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्रभावी ढंग से काम कर रहीं ऐजेसियां: सीएम सोरेन
सीएम सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां कई स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। कुल मिलाकर एजेंसियां इस मामले पर लगन और प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। मुझे विश्वास है कि हम एक ठोस समाधान की ओर आगे बढ़ेंगे। मैंने अभी तक गृह मंत्री से बात नहीं की है, लेकिन जरूरत पड़ने पर मैं उनसे इस मामले पर चर्चा करूंगा। सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, जिनकी भी कोई मांग है, वे आगे आकर अपनी चिंताएं रख सकते हैं।"
सबूतों के आधार पर की जाएगी कार्रवाई
उन्होंने आगे कहा, "हमें कुछ हद तक इन मुद्दों की जानकारी है। अगर वे अपने विचार रखते हैं, तो सरकार निश्चित रूप से उन पर गंभीरता से विचार करेगी। इस बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों को समर्थन दिया और कहा कि सरकार जल्द ही उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाएगी। इसके साथ ही कहा कि, जेएमएम उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन में उनके साथ खड़ी है। हम उनकी मांगों को जानते हैं। सरकार एक-दो दिन में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी। सबूतों के आधार पर 2-3 दिनों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में अनिमिताओं का लगाया आरोप
झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम 5 जुलाई को घोषित होने के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। तब से छात्र 24 घंटे विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इसके साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और टीडीपीएल एजेंसियों के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
(इनपुट: ANI)
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