TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को बीजेपी के इशारे पर लिया गया मनमाना कदम बताया है।
हुगली (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार को बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज करने का चुनाव आयोग (EC) का फैसला बीजेपी के इशारे पर लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है। 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले विरोधी गुटों को पार्टी का नाम ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और फूल और घास वाला चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोकने वाले आदेश पर बोलते हुए बनर्जी ने इसे मनमाना और बिना किसी ठोस कारण वाला बताया।
उपचुनाव और सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती
यह पूरा घटनाक्रम नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले सामने आया है। इस बीच, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनके गुट को असली नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोका गया है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता बनर्जी के गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न दिया है, जबकि विरोधी गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चिह्न मिला है।
इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पर प्रतिक्रिया
इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस के बारे में बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि गठबंधन मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस से गठबंधन का नेतृत्व करने को कहा गया था लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। साथ ही, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं। बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि TMC ने नंदीग्राम सीट कांग्रेस को दे दी है और वे वहां कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। (Source: ANI)
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