कानपुर के पनकी पड़ाव इलाके में रविवार सुबह एक घर की कच्ची छत गिरने से 21 दिन के बच्चे, उसकी मां और दादी की मौत हो गई। प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की जा रही है।
कानपुर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पनकी पड़ाव इलाके में एक जर्जर घर की छत गिरने से 21 दिन के मासूम बच्चे, उसकी 27 वर्षीय मां और 60 वर्षीय दादी की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कानपुर पश्चिम के डीसीपी एस.एम. कासिमी आबिदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच से यह बात सामने आई है कि बिना पक्के निर्माण वाली इस छत के गिरने की मुख्य वजह भारी पानी का रिसाव हो सकता है। पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कराया।
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इनक्वेस्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों में महिला की उम्र करीब 27-28 साल, उसकी सास की उम्र 60-65 साल और बच्चे की उम्र महज 21 दिन थी।
गरीबी और बेबसी की दास्तान
स्थानीय निवासी मनोज कुमार वाजपेयी ने इस दुर्घटना के बारे में विस्तार से बताया कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब था और मिट्टी की दीवारों वाले एक कच्चे कमरे में जीवन गुजार रहा था। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मां अपने 21 दिन के बच्चे को दूध पिला रही थी और पास में ही उसकी सास भी मौजूद थीं।
छत इतनी अचानक और तेजी से गिरी कि किसी को भी संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पलक झपकते ही तीनों की मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद अब परिवार में केवल एक बेटा और दो छोटे बच्चे ही बचे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों की मदद की गुहार
परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। मनोज कुमार वाजपेयी ने स्थानीय निवासियों की ओर से अपील की है कि सरकार इस परिवार की सुध ले और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करे, ताकि घर के बचे हुए सदस्यों का भविष्य सुरक्षित हो सके और वे इस भयंकर संकट से उबर सकें।
(इनपुट: ANI)
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