कटनी। जिले से साइबर ठगी का एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। इसमें अपराधी डिजिटल पेमेंट के नाम पर व्यापारियों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह ठगी 'फोन-पे क्लोन' का उपयोग करके की जा रही है।
कटनी। जिले से साइबर ठगी का एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। इसमें अपराधी डिजिटल पेमेंट के नाम पर व्यापारियों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह ठगी 'फोन-पे क्लोन' (Fake Payment App) का उपयोग करके की जा रही है।
यह है नया साइबर फ्रॉड
साइबर ठगों ने एक ऐसे नकली (क्लोन) ऐप का जाल बिछाया है जो दिखने में बिल्कुल असली यूपीआई (UPI) ऐप जैसा लगता है। अपराधी इस ऐप का उपयोग करके दुकानदारों को चूना लगा रहे हैं।
ठगी का तरीका यह है
ठग सामान खरीदने के बाद भुगतान करने का नाटक करते हैं और उस नकली ऐप में भुगतान की प्रक्रिया पूरी करते हैं। ऐप बिल्कुल असली जैसा 'Payment Successful' का मैसेज दिखाता है।
बिना इंटरनेट के ठगी
हैरानी की बात यह है कि यह क्लोन ऐप बिना इंटरनेट के भी काम कर रहा है, जिससे व्यापारियों को शक भी नहीं होता। ठग पूरी प्रक्रिया को मात्र 10 सेकंड के अंदर अंजाम दे रहे हैं, जिससे दुकानदार को सोचने या गहराई से जांच करने का मौका नहीं मिलता।
नकली व असली ऐप में मामूली अंतर
इस नकली और असली ऐप में अंतर इतना मामूली है कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए इसे पहली बार में पहचानना बेहद मुश्किल है। डिजिटल युग में सुविधा के साथ-साथ जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
फ्रॉड से बचने ध्यान रखें
हमेशा याद रखें कि सिर्फ ग्राहक के फोन की स्क्रीन पर दिखाए गए 'Payment Successful' मैसेज पर भरोसा न करें। हमेशा अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक करें या बैंक की ओर से आने वाले आधिकारिक SMS नोटिफिकेशन का इंतजार करें। अपने स्टोर पर प्रतिष्ठित कंपनियों के 'साउंडबॉक्स' (Soundbox) का इस्तेमाल करें। यह भुगतान प्राप्त होते ही तुरंत ऑडियो अलर्ट देता है, जिसे फेक ऐप नहीं बना सकते। मुख्य पेमेंट ऐप की 'Transaction History' खोलकर देखें कि पैसा वास्तव में खाते में आया है या नहीं। यदि कोई ग्राहक बहुत जल्दी में है और बार-बार आपको पेमेंट स्क्रीन दिखाकर सामान लेने का दबाव बना रहा है, तो सतर्क हो जाएं।
आधिकारिक ऐप्स का ही करें उपयोग
अपने फोन में केवल Google Play Store या Apple App Store से ही प्रमाणित और आधिकारिक पेमेंट ऐप्स डाउनलोड करें। किसी भी अनजान लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से ऐप इंस्टॉल न करें।
ठगी हो जाए तो यह करें
यदि आपको संदेह है कि आपके साथ ऐसी कोई घटना हुई है, तो तुरंत ये कदम उठाएं। तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करें। यह भारत सरकार का आधिकारिक साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है। शिकायत www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक को सूचित करें ताकि वे आपके खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोक सकें। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर भी घटना की सूचना दें।
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