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स्वास्थ्य मंत्री की नाराजगी

सबरीमाला में अरवना प्रसाद की कमी पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के कामकाज पर उठाए सवाल

सबरीमाला में 'अरवना प्रसाद' की कमी और मरम्मत कार्य के समय पर केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल उठाए हैं।

सबरीमाला में अरवना प्रसाद की कमी पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के कामकाज पर उठाए सवाल

Kerala Health Minister questions TDB over Aravana Prasadam shortage in Sabarimala |

तिरुवनंतपुरम (केरल)। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को सबरीमाला सन्निधानम में अरवना प्रसाद की कमी पर नाराजगी जताई। इस कमी के कारण अयप्पा तीर्थयात्रियों के बीच विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मंत्री ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत पहाड़ी मंदिर के भक्तों के लिए खुले रहने के दौरान ही प्लांट में मरम्मत का काम किया जा रहा था।

अरवना प्रसाद की कमी पर गहरी नाराजगी

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को सबरीमाला सन्निधानम में अरवना प्रसाद की कमी पर गहरी नाराजगी जताई है। इस कमी की वजह से अयप्पा तीर्थयात्रियों के बीच विरोध-प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। मंत्री ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के उस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके तहत पहाड़ी मंदिर के भक्तों के लिए खुले रहने के दौरान ही प्लांट में मरम्मत का काम किया जा रहा था। तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हालांकि बोर्ड अध्यक्ष ने उन्हें बताया था कि तीर्थयात्रा के मौसम से पहले यह काम हो रहा है, लेकिन इसके समय को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।

मरम्मत के समय और बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल

मंत्री मुरलीधरन ने बताया कि आमतौर पर इस तरह का तकनीकी रखरखाव और मरम्मत कार्य तब किया जाता है जब मंदिर के कपाट बंद होते हैं। लेकिन इस मामले में काम ऐसे समय पर किया गया जब मंडलम सीजन से पहले सबरीमाला में सबसे अधिक संख्या में भक्त पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा के मुख्य मौसम से पहले आने वाली ऐसी प्रबंधन संबंधी समस्याएं भीड़ बढ़ने के दौरान तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। भक्तों के मन में यही चिंता है कि अगर अभी स्थिति ऐसी है, तो मुख्य मौसम के दौरान क्या होगा और सरकार इस मामले की बहुत बारीकी से जांच कर रही है।

कानूनी सीमाएं और सरकार की जिम्मेदारी

कानूनी सीमाओं को स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार के पास देवस्वोम बोर्ड के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, और ऐसी कार्रवाई केवल अदालत के जरिए ही शुरू की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जब इस तरह के मामले सामने आते हैं तो मंत्री चुप नहीं रह सकते। संयुक्त राजनीतिक जवाबदेही पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सबरीमाला में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कोई भी परेशानी होती है, तो आलोचना सिर्फ बोर्ड के अध्यक्ष की नहीं बल्कि देवस्वोम विभाग के प्रभारी मंत्री और सरकार की भी होगी, इसलिए जरूरत पड़ने पर नाराजगी जाहिर की जाएगी। (Source: ANI)

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