लखीसराय नगर परिषद में नक्शा स्वीकृति के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने के आरोप में सहायक टैक्स दरोगा सह नक्शा प्रभारी सूरज कुमार राउत निलंबित किए गए।
Lakhisarai Civic Body Suspends Employee Over Rs 25,000 Map Approval Allegation |
लखीसराय (बिहार)। नगर परिषद लखीसराय में नक्शा स्वीकृति के नाम पर कथित रूप से 25 हजार रुपये लेने के मामले में नगर परिषद प्रशासन ने 12 अगस्त को कार्रवाई की है। मामले में सहायक टैक्स दरोगा सह नक्शा प्रभारी सूरज कुमार राउत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नगर परिषद की ओर से जारी अधिसूचना में आरोपों को गंभीर प्रकृति का मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गयी है।
नक्शा पास कराने के नाम पर 25 हजार मांगने की शिकायत
जारी अधिसूचना के अनुसार, पचना रोड निवासी दीपक प्रसाद शर्मा ने नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। आवेदन के बाद उन्होंने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि नक्शा पास कराने के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गयी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उक्त राशि सूरज कुमार राउत के बैंक खाते में ली गयी।
जांच में स्पष्टीकरण असंतोषजनक, गंभीर लापरवाही के संकेत
शिकायत सामने आने के बाद नगर परिषद स्तर से मामले की जांच करायी गयी। जांच के क्रम में संबंधित कर्मी से पूरे मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया। हालांकि, जांच अधिकारियों के समक्ष दिया गया उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। अधिसूचना में कहा गया है कि संयुक्त जांच में उनके आचरण से गंभीर प्रशासनिक लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं मनमानेपन का प्रथम दृष्टया संकेत मिलता है।
नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1) के तहत सूरज कुमार राउत को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में मुख्यालय तय, विभागीय कार्रवाई भी होगी
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय स्थापना सहायक के कार्यालय में निर्धारित किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कर्मी के विरुद्ध अलग से विभागीय कार्रवाई की जाएगी।नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कर्मियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हो गयी है। हालांकि, रुपये लेने का आरोप शिकायत एवं जांच में सामने आया है और अंतिम विभागीय निष्कर्ष आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।
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