महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उठापटक के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्धव ठाकरे गुट से जुड़े छह बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ श्रेणी कर दी गई है। इस संबंध में गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
24 घंटे रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत सभी सांसदों के आवास पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही, उनके आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच फैसला
सूत्रों के अनुसार, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और बढ़ती सियासी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित जोखिमों का आकलन करने के बाद सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की थी।
पार्टी बैठक से रहे दूर
उद्धव ठाकरे गुट द्वारा बुलाई गई बैठक में कई सांसद शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि अनुपस्थिति के कारण राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, संबंधित सांसदों की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश
गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। जिला और आयुक्त स्तर की सुरक्षा समितियां भी हालात का आकलन कर आवश्यक बदलाव कर सकेंगी।
दौरों के दौरान बढ़ेगी निगरानी
निर्देशों के अनुसार, सांसदों के किसी भी दौरे से पहले स्थानीय परिस्थितियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर
बागी सांसदों की बढ़ी सुरक्षा और पार्टी बैठकों में उनकी अनुपस्थिति ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। की राजनीति में जारी उठापटक के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्धव ठाकरे गुट से जुड़े छह बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ श्रेणी कर दी गई है। इस संबंध में गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
24 घंटे रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत सभी सांसदों के आवास पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही, उनके आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच फैसला
सूत्रों के अनुसार, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और बढ़ती सियासी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित जोखिमों का आकलन करने के बाद सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की थी। उद्धव ठाकरे गुट द्वारा बुलाई गई बैठक में कई सांसद शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि अनुपस्थिति के कारण राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, संबंधित सांसदों की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश
गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। जिला और आयुक्त स्तर की सुरक्षा समितियां भी हालात का आकलन कर आवश्यक बदलाव कर सकेंगी। निर्देशों के अनुसार, सांसदों के किसी भी दौरे से पहले स्थानीय परिस्थितियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर
बागी सांसदों की बढ़ी सुरक्षा और पार्टी बैठकों में उनकी अनुपस्थिति ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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