टीएमसी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। कालीघाट स्थित उनके आवास पर पार्टी नेताओं की लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है।
कोलकाता। टीएमसी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। कालीघाट स्थित उनके आवास पर पार्टी नेताओं की लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है। सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठक के बाद उन्होंने जिला परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ भी बैठक की और जमीनी स्तर पर संगठन की एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
जिला स्तर पर संगठन की समीक्षा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने जिलों में गांव-गांव तक पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जिला परिषद के पदाधिकारियों से क्षेत्रीय हालात की जानकारी ली और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए।
कार्यकर्ताओं में बिखराव की चिंता
बताया जा रहा है कि राज्य के सभी जिलों में टीएमसी के पास बड़ी संख्या में सदस्य हैं, लेकिन हाल के समय में उनमें बिखराव की आशंका बढ़ गई है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद जिला परिषद की बैठकों में टीएमसी सदस्यों की उपस्थिति भी कम होने लगी है, जिससे पार्टी नेतृत्व चिंतित है।
ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक असर
जिला परिषद के सदस्यों ने बैठक में चिंता जताई कि ग्रामीण इलाकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच भाजपा के प्रति झुकाव बढ़ रहा है। साथ ही आरोप लगाया गया कि भाजपा की ओर से संगठन छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है और टीएमसी नेताओं पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाकर माहौल प्रभावित किया जा रहा है।
पंचायत स्तर तक सख्ती से नजर
टीएमसी का कहना है कि पंचायत स्तर के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है। ममता बनर्जी इससे पहले विधायकों की बैठक कर चुकी हैं और आने वाले दिनों में एक और बड़ी बैठक करने की संभावना है। इसमें आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
यह भी पढ़े: सरकार ने अवैध मदरसों पर कड़ा रुख अपनाया
https://www.primenewsnetwork.in/state/government-takes-strict-action-on-illegal-madrasas/205707