इंदौर। शहर के राऊ तहसील अंतर्गत धन्नड़ क्षेत्र में बाल विवाह का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
इंदौर। शहर के राऊ तहसील अंतर्गत धन्नड़ क्षेत्र में बाल विवाह का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक परिवार अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने कानूनन इस बाल विवाह को होने से रोक दिया।
18 साल में 10 दिन कम थे
नाबालिग लड़की का विवाह उसकी कानूनी उम्र 18 वर्ष पूरी होने से महज 10 दिन पहले किया जा रहा था। प्रशासन को इस बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली थी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची।
प्रशासन ने किया हस्तक्षेप
अधिकारियों ने जब लड़की के आयु संबंधी दस्तावेजों (जैसे अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र) की जाँच की, तो पाया कि वह विवाह के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से 10 दिन छोटी है। टीम ने परिवार को समझाया कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह करना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
परिजन ने गलती स्वीकारी
प्रशासनिक समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और बेटी के बालिग होने तक शादी रोकने का फैसला किया। अधिकारियों ने परिवार से लिखित आश्वासन (पंचनामा) लिया कि वे कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे। भारत में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
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