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मेरठ में सूर्यकिरण एयर शो

नौ हॉक विमानों ने 30 मिनट तक दिखाए हैरतअंगेज करतब, आसमान में बनाया तिरंगा

मेरठ में सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के नौ हॉक विमानों ने करीब 30 मिनट तक एयर शो किया। विमानों ने आसमान में तिरंगा और दिल की आकृति बनाकर दर्शकों को रोमांचित किया।

नौ हॉक विमानों ने 30 मिनट तक दिखाए हैरतअंगेज करतब आसमान में बनाया तिरंगा

Meerut Air Show: Nine Hawk Jets Perform Aerial Stunts, Form Tricolor (File Photo) |

मेरठ (उत्तर प्रदेश)। मेरठ में रविवार को सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के हॉक विमानों ने आसमान में रोमांच और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में हुए एयर शो के दूसरे दिन नौ हॉक विमानों ने करीब 30 मिनट तक हैरतअंगेज करतब दिखाए। कभी विमानों ने महज कुछ मीटर के फासले पर क्रॉस किया तो कभी धुएं की लकीरों से आसमान में दिल और तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर हुए इन करतबों को देखकर मैदान तालियों, भारत माता की जय और जय हिंद के नारों से गूंज उठा। शो देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और परिवार पहुंचे।

आसमान में बना तिरंगा और दिल

हॉक एमके-132 विमानों ने प्रदर्शन के दौरान धुएं की लकीरों से आसमान में तिरंगा बनाया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति भी बनाई। कई बार दो विमान एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ते दिखाई दिए और आमने-सामने से क्रॉस करते हुए नजर आए। इन करतबों पर दर्शकों ने तालियों के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे लगाए।

बच्चों और युवाओं में दिखा खास उत्साह

एयर शो को देखने के लिए बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। कई लोग मोबाइल कैमरे से विमानों की तस्वीरें और वीडियो बनाते रहे, जबकि बच्चे हाथ से विमानों की दिशा बताते नजर आए। कई बच्चों ने पहली बार ऐसा प्रदर्शन प्रत्यक्ष देखने की बात कही। दर्शकों ने कहा कि शो ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की सूर्यकिरण की सराहना

दूसरे दिन एयर शो के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उनके मुताबिक आसमान में होने वाला यह प्रदर्शन साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

जनप्रतिनिधियों ने भी साझा किए विचार

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलटों का कौशल भारतीय सैन्य शक्ति का अलग आयाम सामने लाता है।

राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। उन्होंने मेरठ को क्रांति की धरती बताते हुए कहा कि यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उनके मुताबिक युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।

मेरठ के तीन पायलटों ने भी संभाली कमान

सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

एयर शो के बाद दो किलोमीटर तक लगा जाम

एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। परिवारों के साथ बच्चे और युवा भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने से आसपास की सड़कों पर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।

रास्ते में रुककर लोगों ने देखा एयर शो

कई लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके और रास्ते में खड़े होकर ही आसमान में विमानों के करतब देखते रहे। शो खत्म होने के बाद लोग मोबाइल में इसकी यादें कैद कर लौटे। कुछ देर के जाम के बावजूद दर्शकों के बीच एयर शो का रोमांच बना रहा।

बच्चों ने सुनाए एयर शो के अनुभव

छात्र अविरल ने कहा, “जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए।” छात्रा अनन्या ने कहा कि वह एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी और तिरंगा बनने के दौरान वीडियो बनाना भी भूल गई। सौरभ ने कहा कि उन्होंने पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे। उनके मुताबिक सामने से विमानों को उड़ते देखना फिल्म जैसा लगा। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।

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