मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जबलपुर के एक मेडिकल अस्पताल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।
जबलपुर (एमपी)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जबलपुर के एक मेडिकल अस्पताल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। एक महिला अपने लापता पति को ढूंढने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी और उसने हाई कोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका भी दायर की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सबको स्तब्ध कर दिया।
हाई कोर्ट में दायर की याचिका
महिला ने अपने पति के लापता होने पर उसे ढूंढने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पता चला कि जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही थी, उसकी अस्पताल में भर्ती होने के अगले ही दिन मौत हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचित करने की जहमत नहीं उठाई और उस व्यक्ति को 'लावारिस' मानकर 8 महीने पहले ही दफना दिया।
अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता
यह घटना अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता और संचार व्यवस्था की कमी को दर्शाती है, जिसके कारण एक परिवार को आठ महीने तक अपने प्रियजन की जानकारी के लिए भटकना पड़ा।
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