जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। इस आदेश से उन पुरुष उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, जो भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रह गए थे। जबलपुर हाईकोर्ट में जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने सिवनी निवासी अजय कुमार सहित 100 से अधिक पुरुष याचिकाकर्ताओं को नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
मंडल ने पदों को 100 फीसदी आरक्षित कर दिया था
कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा-2026 के विज्ञापन में पदों को 100 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था, जिससे योग्य पुरुष उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
भर्ती नियम में जेंडर आधारित प्रतिबंध नहीं है
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 'मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती व पदोन्नति नियम 2023' के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पदों के लिए कोई भी जेंडर-आधारित प्रतिबंध नहीं है। अतः जेंडर के आधार पर पुरुष उम्मीदवारों को अवसर से वंचित करना नियमों के विरुद्ध है।
हाईकोर्ट का आदेश है राहत की खबर
यह आदेश उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत है, जो इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे और लिंग के आधार पर उन्हें अयोग्य माना जा रहा था।
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