भोपाल। मध्य प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए...
भोपाल। मध्य प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 'मोबिलिटी सपोर्ट' (Mobility Support) वाहनों की सौगात दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुदूर क्षेत्रों में भी डॉक्टर और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंच सकें।
मिलेगी त्वरित चिकित्सा सेवा
अब ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की पहुंच आसान होगी। मोबिलिटी सपोर्ट वाहनों के माध्यम से डॉक्टर कम समय में मरीजों तक पहुंच सकेंगे।
चलते - फिरते क्लिनिक या त्वरित सेवा केंद्र
प्रदेश के ऐसे गांव जो मुख्य सड़कों से दूर हैं या जहां स्वास्थ्य केंद्र सीमित हैं, वहां ये वाहन चलते-फिरते क्लीनिक या त्वरित सहायता केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। हाल ही में पेश किए गए मध्य प्रदेश के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹23,747 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी निवेश के तहत स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स (परिवहन) में सुधार करने पर जोर दिया जा रहा है।
फील्ड विजिट करना आसान
विभाग की इस नई व्यवस्था से न केवल वाहनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात डॉक्टरों के लिए फील्ड विजिट करना भी आसान हो जाएगा।
इसलिए यह कदम
मध्य प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा जनजातीय और वन क्षेत्रों में आता है। मानसून या अन्य प्राकृतिक बाधाओं के समय इन क्षेत्रों में सामान्य एंबुलेंस या वाहनों का पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। 'मोबिलिटी सपोर्ट' के तहत विभाग को विशेष वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो खराब रास्तों पर भी चलने में सक्षम हैं। "मध्य प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना हमारी प्राथमिकता है। मोबिलिटी सपोर्ट वाहनों के जरिए हम 'अंतिम छोर' (Last Mile) तक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होगा।
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