आयोग ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और ढेंकनाल के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
नई दिल्ली । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया है कि ओडिशा के ढेंकनाल जिले के कंकदाहाड़ा क्षेत्र की एक 17 वर्षीय आदिवासी लड़की को लगभग दो साल तक झांसी, उत्तर प्रदेश में तस्करी करके बेचा गया और बार-बार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि पीड़िता और तीन अन्य लड़कियों को कथित तौर पर नौकरी दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश ले जाया गया था।
उप्र पुलिस ने लड़की को ट्रेन टिकट देकर चलता कर दिया
बयान में कहा गया कि "लड़की एक स्थानीय वकील की मदद से भागने में सफल रही और उसने झांसी पुलिस से संपर्क किया। हालांकि उसका बयान दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने ओडिशा का ट्रेन टिकट देने के अलावा कथित तौर पर कोई और कार्रवाई नहीं की। उसके लौटने पर, ओडिशा पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और जांच जारी है।" आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठाती है।
जांच में विस्तृत विवरण देने को कहा
आयोग ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और ढेंकनाल के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़िता को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण शामिल होना चाहिए। 29 मई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को कथित तौर पर लगभग तीन महीने तक एक घर में कैद रखा गया और वहां उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। यह भी आरोप है कि जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो उसकी सहमति के बिना उसका गर्भपात कराया गया। इसके बाद, उसे कथित तौर पर 50,000 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया और लगभग दो साल तक कई अन्य लोगों द्वारा उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके बाद वह भागने में सफल रही। (एएनआई)
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