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9 रैलियां निकलीं तो एक नियुक्ति निरस्त...

9 रैलियां निकलीं तो एक नियुक्ति निरस्त, एक को नोटिस

​भोपाल। ​मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ईंधन बचाओ' अपील का उल्लंघन करने वाले नेताओं पर राज्य...

9 रैलियां निकलीं तो एक नियुक्ति निरस्त एक को नोटिस

9 रैलियां निकलीं तो एक नियुक्ति निरस्त, एक को नोटिस |

​भोपाल। ​मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ईंधन बचाओ' अपील का उल्लंघन करने वाले नेताओं पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है, वहीं दूसरी ओर अनुशासन तोड़ने वाले भाजपा नेताओं पर गाज गिरनी शुरू हो गई है।

​सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त

भिंड जिले के नवनियुक्त भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पद से हटा दिया गया है। उन्होंने अपनी नियुक्ति के बाद ग्वालियर से भिंड तक सैकड़ों गाड़ियों के साथ एक विशाल रैली निकाली थी, जिसे पीएम की अपील का खुला उल्लंघन माना गया।

​सौभाग्य सिंह को नोटिस, कई प्रतिबंध

मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने उज्जैन से भोपाल तक लगभग 200 वाहनों के काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन किया था। नोटिस के साथ ही उनकी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगा दी गई है और निगम मुख्यालय में उनके प्रवेश को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में ऐसी 9 बड़ी रैलियां देखी गईं, जिनमें भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल की बर्बादी हुई।

यह थी प्रधानमंत्री की अपील

पिछले 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती तेल की कीमतों को देखते हुए देशवासियों से विशेष अपील की थी। कह था कि पेट्रोल और डीजल के अनावश्यक उपयोग से बचें। मेट्रो और बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। निजी वाहनों के बजाय कार पूलिंग को बढ़ावा दें। जहाँ संभव हो, घर से काम करने की संस्कृति को फिर से अपनाएँ।

मध्य प्रदेश सरकार का पक्ष

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' है। उन्होंने सभी मंत्रियों और नवनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना तामझाम और बिना वाहन रैलियों के अपना पदभार ग्रहण करें। जो नेता इन निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है ताकि जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए।

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