पंचायतीराज कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने पर ग्राम सभाओं का बहिष्कार किया है और आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
झालावाड़ (राजस्थान)। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने 29 जून की विशेष ग्राम सभाओं का और 1 जुलाई को वीबीरामजी योजना के बहिष्कार की घोषणा की है। ज़िलाध्यक्ष शिवम् पाटीदार ने बताया की पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजीकृत) राजस्थान के आह्वान पर राज्यभर के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने 29 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं के बहिष्कार की घोषणा की है। साथ ही 1 जुलाई पर वीबीरामजी योजना का बहिष्कार किया।
लंबित मांगों के समर्थन में 1 जून 2026 से चरणबद्ध आंदोलन
शिवम् पाटीदार ने बताया कि पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में 1 जून 2026 से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, स्पष्ट कार्य विभाजन, अंतरजिला स्थानांतरण नीति, नोशनल बेनिफिट, अनुकंपा नियुक्ति में टंकण परीक्षा से मुक्ति, हार्ड ड्यूटी भत्ता तथा राज्य सेवा में विभागीय कोटा निर्धारित करना शामिल है।
अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं
पाटीदार ने बताया, कि सरकार एवं विभाग की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसी कारण 29 जून को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य एजेंडे के लिए आयोजित विशेष ग्राम सभाओं का मंत्रालयिक कर्मचारी पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
6 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव
आंदोलन के आगामी चरणों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से वीबीरामजी योजना का बहिष्कार साथ ही 5 जुलाई की शाम को राज्यभर से हजारों मंत्रालयिक कर्मचारी जयपुर के लिए कूच करेंगे। 6 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
7 जुलाई को जल समाधि आंदोलन
इसके बाद भी यदि सरकार कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो 7 जुलाई को जयपुर स्थित जल महल पर मंत्रालयिक कर्मचारी जल समाधि आंदोलन करेंगे। संगठन ने राज्य सरकार से कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान कर आंदोलन समाप्त कराने की अपील की है।
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