राज्य में बिना टीकाकरण वाले कुत्तों में पार्वो वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल के विभिन्न इलाकों में कई आवारा कुत्ते मृत पाए गए हैं।
भोपाल। राज्य में बिना टीकाकरण वाले कुत्तों में पार्वो वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल के विभिन्न इलाकों में कई आवारा कुत्ते मृत पाए गए हैं। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, श्यामला हिल्स, बावड़ियाकला, अरेरा हिल्स और कोहे-फिजा सहित शहर के कई क्षेत्रों में कुत्तों की मौत की खबरें सामने आई हैं।
वायरस अत्यधिक संक्रमण और जानलेवा
केनल क्लब भोपाल के सचिव विष्णु दत्त त्रिपाठी ने कहा, “बिना टीकाकरण वाले पालतू और आवारा कुत्तों में पार्वो वायरस तेजी से फैल रहा है। यह अत्यधिक संक्रामक और कई बार जानलेवा वायरस है, जो कुत्तों की पाचन तंत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) पर हमला करता है, जिससे गंभीर खूनी दस्त और उल्टी होती है। इसी वजह से कुत्तों की मौत हो रही है।”
चिकित्सकों की चेतावनी
पशु अधिकार कार्यकर्ता स्वाति गौरव ने बताया,“श्यामला हिल्स और कोहे-फिजा में कई कुत्ते मृत पाए गए हैं। हम शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटा रहे हैं।” न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आई.डी. चौरसिया ने कहा, “पार्वो वायरस गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है, जिनमें एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन), मेनिन्जाइटिस और दौरे शामिल हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों, रक्त संबंधी रोगों से पीड़ित व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को भी सतर्क रहना चाहिए। संक्रमित कुत्तों को अलग (आइसोलेट) रखना जरूरी है।”
बीमारी के लक्षण और खतरा
कैनाइन पार्वो वायरस अत्यधिक संक्रामक और कई बार घातक होता है। यह कुत्तों की आंतों पर हमला करता है और गंभीर खूनी दस्त, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी और सुस्ती, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन), समय पर इलाज न मिलने पर शॉक और बिना इलाज के कई पिल्लों की मृत्यु हो जाती है। यह वायरस खासतौर पर बिना टीकाकरण वाले पिल्लों के लिए अधिक घातक है, हालांकि किसी भी उम्र के कुत्ते इससे प्रभावित हो सकते हैं।
पशु चिकित्सा विभाग की सलाह
पशु चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. पी.एस. पटेल ने कहा, “पालतू पशु प्रेमियों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि उनके कुत्तों का टीकाकरण नहीं हुआ है, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराएं।”
चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील
राज्य पशु चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. एस.आर. नागर ने कहा, “लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह सामान्य वायरस है जो बिना टीकाकरण वाले कुत्तों को प्रभावित करता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह उनके लिए घातक साबित हो सकता है।” प्रशासन और विशेषज्ञों ने कुत्ता पालकों से अपने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।
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