कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आ जाने बाद हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए...
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आ जाने के बाद हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों की हुई बैठक में सख्ता रणनीति अख्तियार की गई है। हिंसा की घटना होने पर समय पर कार्रवाई नहीं होने कि स्थिति में संबंधित अधिकारियों, खासकर थाने के ओसी को जवाबदेही ठहराया जाएगा। सीएपीएफ के जवानों का प्रभावी और सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक की और चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद की स्थितियों के बारें में चर्चा की। पुलिस अधिकारियों ने महानगर के कई इलाकों में राजननीतिक पार्टियों को कार्यकर्तायों के बीच संघर्ष की संभावना को नहीं नकारा। मतदान के दिन और उसके दूसरे दिन पर्णश्री और पंचशायर में केंद्रीय बल की मौजूदगी में भी घटनाएं हुई। हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की और अधिक सक्रियता और सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बल सभी थानों के इलाकों में नियमित रूप से रूट मार्च करेगा। संवेदनशील व अत्यधिक जोखिम वाले इलाकों की पहचान की गई हैं और उनमें निगरानी बढ़ाई जाएगी। सीएपीएफ का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाएगा। केवल जरूरी होने पर ही गिररफ्तारियां की जाएंगी।
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