कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को चुनावों में धांधली की जानकारी थी और उन्होंने इसे होने दिया, तो यह ‘‘देश के साथ विश्वासघात’’
मलप्पुरम (केरलम): कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को चुनावों में धांधली की जानकारी थी और उन्होंने इसे होने दिया, तो यह ‘‘देश के साथ विश्वासघात’’ और ‘‘देशद्रोह का कृत्य’’ है।
राहुल गांधी के मुद्दे का किया जिक्र
यहां नीलांबुर में पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका ने कहा कि उनके भाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से हो रहे ‘‘पक्षपात और अन्याय’’ का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बार-बार कई मुद्दों को उठाया है और अब यह भी खबरों में आ रहा है कि निर्वाचन आयुक्तों ने स्वयं मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के समक्ष कुछ मुद्दे उठाए हैं।
‘लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मुद्दा’
प्रियंका ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मुद्दा है, क्योंकि अगर चुनाव ही नहीं होंगे तो लोकतंत्र कहां रहेगा? अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और किसी भी तरह से उनमें धांधली की जा रही है तथा भारत निर्वाचन आयोग इसमें मदद कर रहा है और निर्वाचन आयुक्त न केवल इससे अवगत हैं, बल्कि इसे होने भी दे रहे हैं, तो यह लोकतंत्र पर बेहद गंभीर हमला है। यह वास्तव में देश के साथ विश्वासघात है। यह देशद्रोह का कृत्य है।’’
मतदाता सूची को लेकर आपत्ति का जिक्र
वह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को अद्यतन कर ठीक करने की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राज्यों में नाम हटाए जाने सहित कई मुद्दों पर निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा आपत्ति जताए जाने संबंधी खबरों का जिक्र कर रही थीं।
निर्वाचन आयोग ने दी सफाई
बहरहाल, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा है कि मतदाता सूची के देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों पर निर्वाचन आयोग में सर्वसम्मति थी।
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