पंजाब सरकार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा डीजीपी को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले में सीबीआई जांच के पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।
चंडीगढ़ (पंजाब)। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे गए पत्रों से संबंधित मामले की सीबीआई जांच का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी।
डीजीपी को लिखे गए पत्रों से संबंधित मामले की जांच सीबीआई को सौंपी
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे गए पत्रों से संबंधित मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया था। गौरतलब है, कि ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। पंजाब पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने में विफल रहने के बाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी।
याचिका में प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले का हवाला
यह निर्देश अधिवक्ता निखिल थम्मन द्वारा दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उन्होंने कहा कि पंजाब में चार साल से अधिक समय से कोई नियमित डीजीपी नहीं है। याचिका में प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और नियमित डीजीपी की नियुक्ति संबंधी निर्देशों का हवाला दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा अनुशंसित पैनल से डीजीपी की नियुक्ति का प्रावधान है। इस बीच, पंजाब कांग्रेस प्रमुख परगत सिंह ने राज्य प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और अधिकारियों को सरकार के साथ गठबंधन न करने की चेतावनी दी। यह चेतावनी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस निर्देश के बाद आई है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे गए पत्रों से संबंधित मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था।
भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ति अपने आप जेल में पहुंचे
एएनआई से बात करते हुए, सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए उसे और पार्टी सदस्यों को "ढोंग" बताया और कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कार्यालय भी जांच के दायरे में है। “इस पार्टी को भाजपा ने अपनी बी-टीम के तौर पर बनाया था, लेकिन इसका मकसद कानूनों को इतना सख्त बनाना था कि चाहे मंत्री हो या वरिष्ठ अधिकारी, भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी व्यक्ति अपने आप जेल में पहुंच जाए। आज यही स्थिति है। अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों से जुड़ा पूरा मामला एक दिखावा है। यहां तक कि मुख्यमंत्री कार्यालय भी भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने पहले भी उठाया था,” उन्होंने कहा।
(इनपुटः ANI)
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