ओडिशा सरकार के अनुसार, लगातार बारिश के बावजूद पुरी रथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
Puri Rath Yatra Concludes Smoothly with 8–9 Lakh Devotees, Government Clarifies Two Deaths |
भुवनेश्वर,(ओडिशा)। लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम के बावजूद पुरी में 2026 की रथ यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हुई। सरकार ने बताया कि उत्सव के दौरान जिन दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई, उनकी मृत्यु भगदड़ या भीड़ प्रबंधन से संबंधित किसी घटना के कारण नहीं हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, ओडिशा, देश और विदेश से लगभग 8 से 9 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और चक्र राज सुदर्शन की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में भाग लिया।
सभी अनुष्ठान निर्धारित समय पर संपन्न
रथों को खींचने सहित उत्सव से संबंधित सभी अनुष्ठान निर्धारित समय पर संपन्न हुए। गोबर्धन पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य ने भी रथों का दर्शन किया और देवताओं को प्रार्थना अर्पित की। राज्य सरकार ने बताया कि पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), परिवहन, नगर प्रशासन, जन स्वास्थ्य, ऊर्जा और अन्य विभागों को शामिल करते हुए पहले से ही विस्तृत व्यवस्थाएं की गई थीं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे निगरानी, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल सुविधाएं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
उत्सव के दौरान बीमार पड़े सात श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
कथित मौतों के संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए विज्ञप्ति में कहा गया है, कि उत्सव के दौरान बीमार पड़े सात श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें बताया गया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के एक बुजुर्ग पुरुष श्रद्धालु की मृत्यु हो गई है और उनकी मृत्यु का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। एक अन्य घटना में, एक अन्य श्रद्धालु की हृदयाघात से मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा कि लगातार बारिश के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त कई अन्य श्रद्धालुओं का अस्पतालों में इलाज किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवकों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुंडीचा यात्रा शांतिपूर्ण रही और इस दौरान कोई भगदड़ या भीड़ प्रबंधन संबंधी बड़ी समस्या नहीं हुई। इसमें कहा गया है, कि प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवकों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने सेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया और श्रद्धालुओं को उनके धैर्य, अनुशासन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचा, सार्वजनिक सेवाएं और निरंतर प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर दी है। (एएनआई)
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