रायबरेली में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी गोविंद लोधी को 10 वर्ष की सश्रम कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। न्यायालय ने किशोरी का मुंह दबाकर दुष्कर्म करने और गाली-गलौज करने के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में आरोपी गोविंद लोधी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा
इसके साथ ही दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। सजा पाने वाला दोषी गोविंद लोधी खीरों थाना क्षेत्र के खरगापुर का रहने वाला है।
तालाब के किनारे ले जाकर की थी दरिंदगी
यह पूरा मामला 6 मार्च 2015 का है। पीड़ित किशोरी अपने गांव के पास एक बाग में गई हुई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे आरोपी गोविंद ने किशोरी को दबोच लिया और उसका मुंह दबाकर उसे जबरन तालाब के किनारे ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब किशोरी ने इस घिनौने कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए उसकी बेरहमी से मारपीट भी की थी।
चिकित्सीय परीक्षण और छह गवाहों ने पुख्ता किया आरोप
इस संवेदनशील मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट प्रथम के अपर जिला जज रामनेत की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील वेदपाल और बब्बन त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष कुल छह गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा, पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल रिपोर्ट) से भी आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
अदालत ने दिया सजा
ठोस सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने मंगलवार को गोविंद लोधी को दोषी करार देते हुए जेल और जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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