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RBI स्वैप से NRI डॉलर जमा बढ़े

RBI की FCNR(B) स्वैप सुविधा का असर, दो महीने से भी कम समय में NRI डॉलर जमा में 86% की बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमा के लिए शुरू की गई विशेष रियायती स्वैप सुविधा से विदेशी मुद्रा प्रवाह में तेजी आई है।

rbi की fcnrb स्वैप सुविधा का असर दो महीने से भी कम समय में nri डॉलर जमा में 86 की बढ़ोतरी

RBI Swap Boosts NRI Dollar Deposits |

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमा के लिए शुरू की गई विशेष रियायती स्वैप सुविधा से विदेशी मुद्रा प्रवाह में तेजी आई है। इस सुविधा के कारण दो महीने से भी कम समय में बकाया FCNR(B) जमाओं में करीब 86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

28 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ी जमा राशि

RBI के नवीनतम बैंक-वार आंकड़ों के अनुसार, बकाया FCNR(B) जमा राशि 5 जून 2026 को 32.56 अरब अमेरिकी डॉलर थी, जो 30 जुलाई 2026 तक बढ़कर 60.55 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई। यह अवधि के दौरान करीब 28 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि को दर्शाता है।

विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी सुविधा

RBI ने इस विशेष सुविधा की घोषणा 5 जून को की थी और इसे 8 जून से लागू किया गया था। इसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के भुगतान संतुलन को मजबूत करना और विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देना था। इस योजना के तहत RBI ने बैंकों द्वारा जुटाई गई नई FCNR(B) जमाओं के लिए रियायती स्वैप सुविधा शुरू की थी।

सितंबर तक जारी रहेगी योजना

यह विशेष सुविधा 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। वहीं, विदेशी मुद्रा उधार (OFCBs) और बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECBs) के लिए इसी तरह के उपाय 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे। बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सबसे बड़ा जमाकर्ता बना रहा। SBI की FCNR(B) जमा राशि 5 जून को 9.70 अरब डॉलर से बढ़कर 30 जुलाई तक 13.82 अरब डॉलर हो गई।

ICICI बैंक में सबसे तेज बढ़ोतरी

निजी क्षेत्र के बैंकों में ICICI बैंक ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। बैंक की FCNR(B) जमा राशि इस अवधि में 2.37 अरब डॉलर से बढ़कर 6.06 अरब डॉलर हो गई। वहीं, HDFC बैंक की जमा राशि 4.02 अरब डॉलर से बढ़कर 5.42 अरब डॉलर हो गई, जबकि Axis Bank की जमा राशि 3.08 अरब डॉलर से बढ़कर 4.67 अरब डॉलर पहुंच गई।

विदेशी बैंकों में भी बढ़ा विदेशी मुद्रा जमा

विदेशी बैंकों ने भी इस सुविधा का लाभ उठाया। HSBC की FCNR(B) जमा राशि 120 मिलियन डॉलर से बढ़कर 6.26 अरब डॉलर हो गई। वहीं, Standard Chartered Bank ने इस अवधि की शुरुआत में कोई बकाया FCNR(B) जमा नहीं होने के बावजूद 1.86 अरब डॉलर जुटाए।

RBI ने बताया था बाहरी क्षेत्र मजबूत करने का कदम

RBI ने पहले कहा था कि इन उपायों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा प्रवाह को आकर्षित करना और विदेशी मुद्रा तरलता में सुधार करके भारत के बाहरी क्षेत्र को मजबूत करना है। FCNR(B) स्वैप विंडो सितंबर के अंत तक खुली रहेगी, जिससे आने वाले हफ्तों में इस योजना के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

(एएनआई)

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