जाजपुर, (ओडिशा)। जिले के कलिंगनगर इस्पात क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा गंभीर चिंता जताई जा रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की ओर से इस समस्या पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वीसीआई केमिकल प्लांट में लगी भीषण आग
इसी बीच वीसीआई केमिकल प्लांट में लगी भीषण आग के बाद उठे घने काले धुएं ने पूरे इलाके के आसमान को काफी देर तक ढक लिया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में भय और असहजता का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार, वीसीआई कारखाने में यह आग उस समय लगी जब निर्माणाधीन कूलिंग टावर में इस्तेमाल किए जा रहे प्लास्टिक एफआरपी (फाइबर रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक) ने अचानक आग पकड़ ली। घटना की जानकारी मिलते ही दानागदी और जाजपुर रोड से दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
आग लगने के कारण स्पष्ट नही
कंपनी की ओर से अभी तक आग लगने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि शुरुआती आशंका यह जताई जा रही है कि या तो शॉर्ट सर्किट इसके पीछे वजह हो सकती है, या फिर निर्माण कार्य के दौरान वेल्डिंग से निकली चिंगारी प्लास्टिक सामग्री पर गिरने से आग भड़क गई होगी। इस हादसे में दो कूलिंग टावर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लगभग 50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
रखाने की स्थापना के समय लोगों ने किया था विरोध
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कारखाने की स्थापना के समय यखपुरा पंचायत में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने इसका विरोध किया था, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के चलते परियोजना को मंजूरी मिल गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यूनिट में सोडियम हाइड्रॉक्साइड, सल्फ्यूरिक एसिड और कंडक्वेंच ऑयल जैसे रसायनों का उपयोग होने वाला है, जिससे भविष्य में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे और बढ़ सकते हैं। उनका मानना है कि इससे कलिंगनगर क्षेत्र में पहले से मौजूद प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसी वजह से स्थानीय लोग इस कारखाने को आबादी क्षेत्र से हटाने या बंद करने की मांग कर रहे हैं।
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