प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई

सिंगरौली में बस संचालकों पर बड़ा एक्शन, इमरजेंसी विंडो जाम मिली तो सीधे रद्द होगा परमिट

सिंगरौली–सोनभद्र मार्ग पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के पांचवें दिन विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही यात्री बसों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया।

सिंगरौली में बस संचालकों पर बड़ा एक्शन इमरजेंसी विंडो जाम मिली तो सीधे रद्द होगा परमिट

RTO Fines Defiant Bus Operators ₹3.30 Lakh over Safety Violations |

सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। सिंगरौली जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने अब कमर कस ली है। सिंगरौली–सोनभद्र मार्ग पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के पांचवें दिन विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही यात्री बसों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया। इस कार्रवाई में परमिट और पंजीयन शर्तों का उल्लंघन करने वाली बसों पर विभाग ने ₹3.30 लाख का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है।

​सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशानुसार और कलेक्टर गौरव बैनल व जिला परिवहन अधिकारी (DTO) विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में आरटीओ चेक पॉइंट सिंगरौली-01 की टीम लगातार वाहनों की सघन जांच कर रही है। अभियान का मुख्य फोकस बसों में 'डबल डोर' और 'आपातकालीन खिड़की' (इमरजेंसी विंडो) की कार्यशीलता सुनिश्चित करना है।

कई बस ऑपरेटर कर रहे थे असुरक्षित बसों का संचालन

जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई बस ऑपरेटर यात्रियों की जान जोखिम में डालकर असुरक्षित बसों का संचालन कर रहे थे। टीम ने बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC), अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स की बारीकी से जांच की। कई बसों में इमरजेंसी विंडो जाम मिलीं, जिन्हें केवल कागजी खानापूर्ति के लिए लगाया गया था।

​परमिट निरस्तीकरण की चेतावनी

जिला परिवहन विभाग ने बस संचालकों को दो-टूक चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी बस में आपातकालीन खिड़की जाम मिली या सुरक्षा उपकरणों में कमी पाई गई, तो विभाग केवल चालान काटकर नहीं छोड़ेगा, बल्कि संबंधित वाहन का परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि दुर्घटना की विषम स्थिति में यात्रियों का सुरक्षित निकास ही जीवन बचा सकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य है।

यह भी पढ़ें: डोंगरगांव के मोहड़ स्कूल में 5.44 लाख की वित्तीय अनियमितता, तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य निलंबित

Related to this topic: