सहारनपुर की DISHA बैठक में अधूरे नाले के मुद्दे पर इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच तीखी बहस की खबर सामने आई। दोनों नेताओं ने किसी विवाद से इनकार किया।
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। सहारनपुर में बुधवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बहस देखने को मिली। दोनों नेता एक अधूरे नाले को लेकर आपस में भिड़ गए। हालांकि उन्होंने इससे इनकार करते हुए दावा किया कि कोई झगड़ा नहीं हुआ। मलिक ने कहा कि ये कोई बड़ी बात नहीं है।
नाली निर्माण के मुद्दे पर हुई बहस, बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
खबरों के मुताबिक, इमरान मसूद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नाली निर्माण के मुद्दे पर दोनों के बीच बहस देखने को मिली। बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, सपा सांसद इकरा हसन और अन्य विधायक भी मौजूद थे। मलिक ने ANI से बात करते हुए कहा कि बैठक का मकसद जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना था और वह अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मामले उठा रहे थे।
आशु मलिक बोले- बैठक में 80 प्रतिशत मुद्दे हमारे थे
मलिक ने आगे कहा, "कल सहारनपुर डेवलपमेंट बिल्डिंग में 'दिशा' (DISHA) की बैठक हो रही थी, जिसमें सभी अधिकारी मौजूद थे। यह कोई रैली नहीं थी जहां भाषण दिए जा रहे हों। हम अपनी बातें रख रहे थे और 80 प्रतिशत मुद्दे हमारे ही थे। इसके लिए हमें किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।" मलिक ने मसूद के साथ हुई कथित बहस को भी ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
मलिक ने कहा- नेताओं के बीच ऐसी बातें होती रहती हैं, कोई बड़ी बात नहीं
उन्होंने कहा, "हमारे बीच ऐसा कोई विवाद या झगड़ा नहीं है। बैठकों या रैलियों के दौरान दो नेताओं के बीच ऐसी बातें होती रहती हैं। यह कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन हम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाए बिना वहां से नहीं हटते।" विधायक ने कथित बहस पर सफाई देते हुए कहा कि वे नियमों का जिक्र इसलिए कर रहे थे ताकि बैठक सुचारू रूप से चल सके और उन्होंने दोहराया कि वे जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।
इमरान मसूद ने भी बहस से किया इनकार, बोले- सभी को बोलने का मौका दिया
इस बीच, बैठक की अध्यक्षता करने वाले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने किसी भी तरह की बहस या झगड़े से इनकार किया। मसूद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बस यह सुनिश्चित किया कि सभी को बोलने का मौका मिले। सांसद ने कहा, "कोई बहस नहीं हुई। मैं बैठक की अध्यक्षता कर रहा था, इसलिए मैंने सभी को बोलने का मौका दिया। मैंने आशु मलिक को भी बोलने के लिए काफी समय दिया।"
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