मुरैना। जिले के बागचीनी इलाके के हड़वासी गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है...
झोपड़ी में भ्रूण का लिंग परीक्षण, ग्रामीण ने कुंडी लगा दी तो छत फाड़कर भागे आरोपी |
मुरैना। जिले के बागचीनी इलाके के हड़वासी गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नहर के किनारे स्थित एक गुमनाम झोपड़ी में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण का रैकेट चलाया जा रहा था। एक जागरूक ग्रामीण की सतर्कता के कारण इस पूरे अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हो गया।
सतर्क युवक ने वीडियो बनाया, सबक सिखाने कुंडी लगाया
जानकारी के अनुसार, नहर किनारे स्थित एक झोपड़ी में महिलाओं की संदिग्ध आवाजाही लगातार बढ़ रही थी। गांव के ही एक युवक को जब कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ तो उसने चुपके से झोपड़ी के पास जाकर निरीक्षण किया। वहां लिंग परीक्षण का काम चल रहा था। युवक ने तुरंत अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया और बाहर से झोपड़ी की कुंडी लगा दी, ताकि आरोपी भाग न सकें।
मुख्य आरोपी व छह महिलाएं परीक्षण में शामिल
जब झोपड़ी के अंदर मौजूद लोगों को पता चला कि वे बाहर से फंस गए हैं तो वहां अफरा-तफरी मच गई। पकड़े जाने के डर से मुख्य आरोपी और 6 महिलाएं झोपड़ी का छप्पर (छत) हटाकर ऊपर के रास्ते से भागने में सफल रहे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
मौके पर अल्ट्रासाउंड मशीन या संबंधित उपकरणों के उपयोग की आशंका है। पुलिस फरार आरोपियों और उन महिलाओं की तलाश कर रही है, जो परीक्षण करवाने आई थीं। भारत में PCPNDT अधिनियम के तहत जन्म से पहले लिंग का निर्धारण करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। इस तरह के कृत्य न केवल कानूनी रूप से गलत हैं, बल्कि समाज में लिंगानुपात को भी बिगाड़ते हैं।
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