शाजापुर नगर पालिका परिषद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार शहर के विकास कार्यों को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
शाजापुर (मध्यप्रदेश)। शाजापुर नगर पालिका परिषद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार शहर के विकास कार्यों को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ आमने-सामने नजर आ रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे शहर के विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं और आवश्यक कार्यों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।

टूटी संरचनाओं और चिल्लर नदी परियोजना पर उठाए सवाल
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने आरोप लगाया कि शहर के कई स्थानों पर सार्वजनिक संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और नगर पालिका की संपत्तियों में भी टूट-फूट की स्थिति है। इनकी मरम्मत और सुधार के लिए कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन सीएमओ द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अध्यक्ष ने चिल्लर नदी विकास कार्य का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि नदी किनारे लगाई गई सुरक्षा जालियां पूरी तरह टूट चुकी हैं, जबकि वहां कराया गया निर्माण कार्य भी घटिया गुणवत्ता का प्रतीत होता है, जिसकी अब पोल खुल रही है।

लंबे कार्यकाल और विकास की रफ्तार पर भी साधा निशाना
प्रेम जैन ने यह भी आरोप लगाया कि सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित लंबे समय से शाजापुर में पदस्थ हैं। उनका कहना है कि करीब 13 वर्षों तक यहां रहने के बाद ट्रांसफर हुआ, लेकिन वे पुनः शाजापुर लौट आए। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शहर में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। फिलहाल नगर पालिका अध्यक्ष के इन आरोपों के बाद शहर की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजरें सीएमओ के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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