मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति के तहत सोनभद्र में 14,612 करोड़ रुपये के निवेश एमओयू साइन हुए। पनौरा में अदानी ग्रुप का 7400 करोड़ का पीएसपी प्लांट और टीएचडीसी प्रोजेक्ट से बदलेगी तस्वीर।
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की नीति के तहत सोनभद्र अब बड़े निवेश की नई मंजिल की ओर बढ़ रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 के लिए शासन की ओर से निर्धारित 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य के करीब जिला तेजी से पहुंच रहा है। अब तक जिले में 33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हो चुके हैं। शेष 5,388 करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी जल्द हासिल करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पनौरा में 7,400 करोड़ का पीएसपी प्लांट
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि प्रमुख निवेश परियोजनाओं में अदानी समूह का 7,400 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। समूह की ओर से पनौरा में पीएसपी (पंप्ड स्टोरेज पावर) प्लांट स्थापित किया जाएगा। ऊर्जा भंडारण और विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में यह परियोजना सोनभद्र की ऊर्जा क्षमता को और मजबूत करने वाली होगी। वहीं, टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) ने बसुधारी में करीब 6,400 करोड़ रुपये के निवेश से परियोजना स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। बड़े ऊर्जा निवेश से सोनभद्र की पहचान देश के प्रमुख ऊर्जा एवं औद्योगिक केंद्रों में और मजबूत होने की संभावना है।
33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ के एमओयू
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन से जिले को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके सापेक्ष अब तक 33 परियोजनाओं के लिए 14,612 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शेष 5,388 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को भी जल्द प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय कारोबार, परिवहन, निर्माण तथा सेवा क्षेत्र को भी गति मिलेगी।
बड़े निवेश से बदलेगी सोनांचल की तस्वीर
सोनभद्र में प्रस्तावित बड़े निवेश से जिले के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाएं न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति देंगी, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी नए अवसर पैदा करेंगी।
निवेश से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
सोनभद्र में लगातार बढ़ते औद्योगिक निवेश से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बड़े उद्योगों के साथ सहायक उद्योगों और सेवा क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय युवाओं, कारोबारियों और उद्यमियों को भी लाभ मिल सकता है। शासन के निवेश लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से बढ़ते कदमों से सोनभद्र के औद्योगिक हब के रूप में उभरने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
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