बुधवार की सुबह सिंघना गांव में करमा का त्योहार मातम में बदल गया। गांव के दीपक सिंह की बड़ी बेटी आकांक्षा कुमारी (17 वर्ष) की पोखर में डूबने से मौत हो गई।
औरंगाबाद {बिहार}: बुधवार की सुबह सिंघना गांव में करमा का त्योहार मातम में बदल गया। गांव के दीपक सिंह की बड़ी बेटी आकांक्षा कुमारी (17 वर्ष) की पोखर में डूबने से मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 5 बजे आकांक्षा अपनी तीन सहेलियों पायल कुमारी, छाया कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी के साथ करमा पूजा के अवशेष विसर्जन करने गांव के पोखर पर गई थी। विसर्जन के दौरान आकांक्षा गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
सहेली को डूबता देख तीनों ने लगाई छलांग
डूबती सहेली को देख तीनों सहेलियों ने भी पोखर में छलांग लगा दी। चारों एक साथ डूबने-उतराने लगीं। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और बड़ी मशक्कत के बाद तीन युवतियों को बचा लिया, लेकिन आकांक्षा गहराई में समा गई। करीब दो घंटे की तलाश के बाद आकांक्षा का शव पोखर से बरामद हुआ। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
आकांक्षा दो भाई-बहनों में थी सबसे बड़ी
आकांक्षा दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। छोटा भाई-बहन अपनी दीदी की याद में मां-पिता से लिपटकर "दीदी उठो न..." कहकर रो-रोकर बेहाल हो रहा है। मां की आंखों के आंसू सूख चुके हैं, पिता बेसुध बैठे हैं। बताया जाता है कि आकांक्षा की शादी तय हो चुकी थी और एक साल बाद उसकी डोली उठनी थी। डोली से पहले ही उसकी अर्थी उठ गई।
तीनों सहेलियों की हालत सामान्य
वहीं बची तीनों युवतियों को इलाज के लिए बालूगंज निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में तीनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
पुलिस ने गांव पहुंचकर की जांच
घटना की सूचना पर अंबा पुलिस गांव पहुंची और पूरे मामले की तहकीकात की। ग्रामीणों ने बताया कि चारों सहेलियों एक दूसरे की पूरक थी और हमेशा साथ ही रहा करती थी। लेकिन कुदरत ने एक को जुदा कर दिया।
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