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मणिपुर में फिर भड़का तनाव

कोंसाखुल में पानी की लाइन ठीक करने गए नागा ग्रामीणों पर कुकी उग्रवादियों का हमला

कोंसाखुल गांव के तीन बेकसूर नागा ग्रामीणों पर जानबूझकर किए गए हमले के बाद मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में फिर से तनाव भड़क गया है।

कोंसाखुल में पानी की लाइन ठीक करने गए नागा ग्रामीणों पर कुकी उग्रवादियों का हमला

Tension Flared in Manipur Hills After Attack on Naga Villagers |

इंफाल (मणिपुर)। कोंसाखुल गांव के तीन बेकसूर नागा ग्रामीणों पर जानबूझकर किए गए हमले के बाद मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में फिर से तनाव भड़क गया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों पर रविवार सुबह उस समय हमला किया गया, जब वे एक ज़रूरी सामुदायिक पानी की सप्लाई लाइन की मरम्मत करने की कोशिश कर रहे थे।

पानी की मरम्मत के दौरान उग्रवादियों ने किया हमला

सामुदायिक नेताओं के मुताबिक यह घटना भारी हथियारों से लैस कुकी उग्रवादियों ने अंजाम दी, जिसकी कड़ी निंदा हो रही है। राज्य तथा केंद्र सरकार से इस क्षेत्र में और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की जा रही है। यह हमला सुबह करीब 10:30 बजे हुआ, जब कोंसाखुल गांव के तीन निवासी पानी के एक खराब स्रोत की जांच और मरम्मत के लिए पहाड़ी पर गए थे।

हमले में एक ग्रामीण घायल, दो ने भागकर बचाई जान

इस घटना पर बोलते हुए, फुटहिल्स नागा समन्वय समिति के संयोजक एनजी अखियू ने विस्तार से बताया कि कैसे मरम्मत का एक सामान्य काम जानलेवा हो गया। अखियू ने कहा, "जब वे पानी के स्रोतों को ठीक करने ऊपर गए तो कुकी उग्रवादी- खास तौर पर KNF-P (कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंशियल)- वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। उन्होंने उन तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हमले के दौरान एक ग्रामीण घायल हो गया। बाकी दो लोग अलग हो गए और कई घंटों तक घने जंगल में भटकते रहे। खुशकिस्मती से, वे किसी तरह रास्ता ढूंढकर सुरक्षित वापस लौटने में कामयाब रहे।"

नागा समन्वय समिति ने की हमले की निंदा

फुटहिल्स नागा समन्वय समिति ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इसे एक "बर्बर घटना" करार दिया जिसमें ऐसे आम नागरिकों को निशाना बनाया गया है जिनका राज्य में चल रहे जातीय संघर्षों से कोई लेना-देना नहीं है। नेताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि उग्रवादी गुट जानबूझकर पहाड़ी इलाकों की अहम जगहों पर कब्ज़ा करने और तटस्थ आदिवासी समुदायों की रोजी-रोटी में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।

सुरक्षा जेंसियों से तुरंत एक्शन की मांग

अखियू ने चेतावनी देते हुए कहा, "कुकी उग्रवादी गुट हमारा इंतजार कर रहे हैं। वे हमारे भोलेपन का फायदा उठा रहे हैं और उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की। गौरतलब है कि यह ताज़ा झड़प मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा की बेहद नाज़ुक स्थिति को उजागर करती है। यहां अलग-अलग समुदाय उन इलाकों के करीब रहते हैं जिन पर विभिन्न उग्रवादी गुटों की कड़ी नज़र रहती है। (ANI)

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