दिग्विजय सिंह ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि आज कुछ ताकतें उनके रहन-सहन और जीवन को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से असत्य और भ्रामक बातें फैला रही हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के वर्तमान हालातों की तुलना ब्रिटिश शासन से कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के दौर में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने और विरोध करने वाले लोगों को उसी तरह प्रताड़ित किया जा रहा है, जैसा कभी अंग्रेज किया करते थे।
नेहरू के त्याग और विचारधारा का किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि आज कुछ ताकतें उनके रहन-सहन और जीवन को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से असत्य और भ्रामक बातें फैला रही हैं। उन्होंने कहा,जवाहरलाल नेहरू एक ऐसे संपन्न परिवार से थे जिनके पिता देश के नामी वकील थे। उनकी पूरी शिक्षा-दीक्षा विदेशों में हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तमाम सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया और महात्मा गांधी के आह्वान पर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना। आज के दौर में ऐसा त्याग करने वाला कोई दूसरा नहीं मिलेगा।
सांप्रदायिकता को बताया देश के लिए बड़ी चुनौती
नेहरू की प्रसिद्ध पुस्तक 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' (भारत की खोज) का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने सांप्रदायिकता के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नेहरू हमेशा मानते थे कि सांप्रदायिकता समाज में केवल द्वेष, नफरत और विभाजन पैदा करती है। आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी विचारधारा से लड़ने की है।
बदला लेने की राजनीति हो रही है
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का सम्मान होना चाहिए, लेकिन आज का माहौल ऐसा बन चुका है कि यदि कोई सरकार की नीतियों का विरोध करता है, तो उसे निशाना बनाया जाता है। उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे नफरत की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।
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