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सड़क दुर्घटना में दो किशोरों की मौत

औरंगाबाद में सड़क दुर्घटना में दो किशोरों की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

औरंगाबाद में NH-139 पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से दो किशोरों की मौत हो गई। घटना के बाद सड़क जाम हुआ और फोरलेन निर्माण में देरी को लेकर सवाल उठाए गए।

औरंगाबाद में सड़क दुर्घटना में दो किशोरों की मौत आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

Two Teenagers Killed in Aurangabad Road Accident; Angry Villagers Block Road |

औरंगाबाद (बिहार)। औरंगाबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर रविवार रात भीषण सड़क हादसे में दो किशोरों की मौत हो गई। दोनों किशोर दोस्त थे और एक ही गांव के रहनेवाले थे। दोनों की पहचान अंबा थाना क्षेत्र के धनीबार निवासी जितेन्द्र ठाकुर के 18 वर्षीय पुत्र संदीप कुमार और सरूप पासवान के 17 वर्षीय पुत्र राजा पासवान के रूप में की गई है। 

तेज रफ्तार एक दूल्हे की गाड़ी ने मार टक्कर

बताया जाता है कि दोनों दोस्त बाइक पर सवार होकर अंबा की तरफ जा रहे थे। तभी धनीबार गांव के समीप ही तेज रफ्तार एक दूल्हे की गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और भाग निकला। हादसे के बाद ग्रामीणों ने लगभग दो घंटे तक सड़क जाम कर दिया। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर आवागमन बिल्कुल ठप हो गया। पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

राजद नेता ने गहरा दुख व्यक्त किया

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग-139 संघर्ष समिति के वरीय सदस्य सह राजद नेता इंजीनियर सुबोध कुमार सिंह ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और रात 11 बजे शव के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कराया। इस घटना पर उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया है और केंद्र सरकार के परिवहन मंत्री, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों और बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इस राजमार्ग से जुड़े मंत्री, नेता और अधिकारियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। 

राजद नेता ने कहा "फोरलेन नहीं बनना वादा खिलाफी नहीं तो और क्या है?"

सिंह ने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे नहीं बल्कि सरकार की उदासीनता एवं लापरवाही से आम लोगों की हत्याएं हो रही है। इसलिए इससे संबंधित लोगों पर हत्या की प्राथमिकी हो और न्यायालय उन्हें इसकी सजा दे। उन्होंने कहा कि मंत्री की घोषणा के बाद भी इसका फोरलेन नहीं बनना वादा खिलाफी नहीं तो और क्या है। बिहार की तमाम राष्ट्रीय राजमार्ग फोर लेन हो गए लेकिन पटना से झारखंड के हरिहरगंज को जोड़ने वाली औरंगाबाद से होकर गुजरने वाली यह मार्ग आखिर क्यों फोर लेन नहीं हो रहा है। 

लापरवाही पर हत्या की प्राथमिकी की मांग

सरकार की उदासीनता ने हजारों माताओं की कोख सुनी कर दी, कई बहनों का सुहाग उजाड़ दिया, कई मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया। ऐसी स्थिति में अब हत्या की ही प्राथमिकी की जरूरत है ताकि नेता, मंत्री तथा अधिकारियों को सबक मिले और इस राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर लेन निर्माण की कार्रवाई शुरू हो सके।

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