टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती एक बार फिर अपने तेवरों के कारण चर्चा में...
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती एक बार फिर अपने तेवरों के कारण चर्चा में हैं। मंगलवार की सुबह उन्होंने टीकमगढ़ में अपने बंगले के बाहर सड़क किनारे एक हाथठेला लगाकर खुद पोहा-जलेबी बेची। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम स्थानीय प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण के विरोध में है। सोमवार को टीकमगढ़ प्रशासन ने 'सिविल लाइन' इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाते हुए सड़क किनारे लगने वाले छोटे ठेले वालों को वहां से हटा दिया था।
गरीबों के खिलाफ अनुचित बताया
उमा भारती ने इस कार्रवाई को "गरीबों के खिलाफ अनुचित" बताया। उनका कहना था कि प्रशासन को सबसे पहले रसूखदार और अमीर लोगों का अतिक्रमण हटाना चाहिए, न कि उन गरीबों का जो रोज कमाते-खाते हैं।
गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनो
विरोध जताने के लिए उमा भारती मंगलवार सुबह खुद सड़क पर उतरीं। उन्होंने न केवल ठेला लगाया, बल्कि पोहा-जलेबी बनाकर ग्राहकों को परोसी। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्रशासन को गरीबों की रोजी-रोटी छीनने का कोई हक नहीं है। अगर उन्हें हटाना ही था, तो पहले उनके पुनर्वास के लिए वेंडिंग जोन बनाना चाहिए था।
दुकानदारों को भर दिया साहस
उमा भारती ने उन सभी छोटे दुकानदारों को वापस बुलाकर उसी स्थान पर फिर से ठेले लगवाने को कहा, जिन्हें प्रशासन ने हटाया था। उन्होंने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ खड़ी हैं और किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
धर्मसंकट में प्रशासन
उमा भारती के इस कदम ने स्थानीय प्रशासन को धर्मसंकट में डाल दिया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय दुकानदारों के बीच इसे एक बड़े समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
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